खरगोन। 26 दिसंबर के दिन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहेबजादे अजीत सिंहजी, जुझार सिंह जी, जोरावर सिंह जी और फतेह सिंह जी ने धर्म परिवर्तन करने की अपेक्षा बलिदान को चुना था। उनके बलिदान के सम्मान में युग पुरुष मोदी जी के संकल्प अनुसार आजादी के अमृतकाल में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाने का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। वीर बाल दिवस भारतीयता की रक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरने के संकल्प का प्रतीक है। ये दिन हमें याद दिलाता है कि शौर्य की पराकाष्ठा के समय कम आयु मायने नहीं रखती। ये उस महान विरासत का पर्व है।
उक्त उदगार राष्ट्रीय कवि मुकेश मौलवा ने वीर बाल दिवस पर मुख्य वक्ता के रूप व्यक्त किए। मौलवा द्वारा अपनी ओजस्वी वाणी में बखान की गई शोर्यगाथा को सुन उपस्थित धर्मावलंबी भाव विभोर हो उठे। साथ ही ज्योतिश्वर महादेव मंदिर परिसर तालियों की गड़गड़ाहट एवं जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से गूंज उठा।
विहिप जिला प्रचार प्रसार प्रभारी दीप जोशी ने बताया कि हिंदरक्षक, सरबंस दानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहेबजादो और परिवार के द्वारा दिए गए सर्वाेच्च बलिदान के निमित्त 26 दिसंबर को सकल हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद, श्री गुरूसिंह सभा खरगोन एवं ज्योति नगर उत्सव समिति के संयुक्त तत्वाधान में श्री ज्योतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में वीर बाल दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम के शुभारंभ में ज्ञानी पवन सिंहजी द्वारा अरदास की गई। तत्पश्चात नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी एवं आयोजकों द्वारा दीप प्रज्जवलन किया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय कवि मुकेश मौलवा का भगवा ओपरने से स्वागत विहिप विभाग मंत्री मनोज वर्मा, सकल हिंदू समाज अध्यक्ष बबलू पाल, श्री गुरुसिंह सभा के हरचरण सिंह भाटिया और ज्योति नगर उत्सव समिति के इंजीनियर नीतिन मालवीय द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन द्वारा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार के बलिदान पर आधारित 14 मिनट की ऐतिहासिक फिल्म का प्रसारण किया गया। कार्यक्रम स्थल पर श्री गुरु गोबिंद सिंघजी के परिवार के बलिदान को चित्रण करती एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। समापन पर श्री गुरु सिंह सभा के सेवादारों द्वारा उपस्थित धर्मावलंबियों के लिए दूध की सेवा की गई। आयोजन के अंत में आभार श्री गुरुसिंह सभा के सेक्रेट्री कमलजीत सिंह गांधी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विहिप जिला मंत्री विवेक सिंह तोमर, राजेश पाल, आशीष गुजराती, दिलीप सोनी सहित बड़ी संख्या में धर्मालु उपस्थित थे।