गरोठ। क्षेत्र के रहने वाले किसान भवानी सिंह व उल्फत सिंह के बैलों की जोड़ी का 2 दिन के अंतराल में निधन हो गया। इसके बाद दोनों किसानों ने अपने बेलों का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू धर्म के अनुसार विधि विधान से किया। उक्त बेलों का नाम मना एवं श्याम था।
मंदसौर जिले के भानपुरा तहसील के ग्राम पंचायत अंत्रालिया के गांव बाग का खेड़ा के किसान भवानी सिंह ने बताया कि दिवंगत होने वाले परिजनों की अस्थियों का विसर्जन हर की पेड़ी गंगा में होता है। इसलिए उन्होंने अपने बैलों की अस्थियों का विसर्जन भी हर की पेड़ी उत्तर प्रदेश पहुंचकर विधि विधान से किया।
किसान भवानी सिंह ने बताया कि हरिद्वार में पुरोहित पंडित उमेश पाठक के माध्यम से बैलों की अस्थियों का विसर्जन करवाया गया। इसके बाद घर लौटकर मंगलवार 26 दिसंबर को त्रयोदशी संस्कार भी किया। इसके लिए उन्होंने निमंत्रण पत्र छपाए और आसपास के गांव में न्योता भिजवाया। तेरवी के कार्यक्रम में करीब 3000 के लगभग अपने परिचितों को बुलाया।