राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी वाला गीत तबले पर ऐसा बजाया की जो सुने वो सुनता रह जाए, जी हां आज नरेंद्र बारेठ और अर्जुन बारेठ ने वॉइस ऑफ़ एमपी के न्यूज़ रूम में वो कमाल किया। ये दोनों भाई है और तबले के उस्ताद है। ठिकाना नीमच जिले का छोटा सा गाँव पड़दा है।
दोनों भाई संगीत में पोस्ट ग्रेजुएट है और पिछले दस साल से सरकारी भर्ती खुलने का इंतज़ार कर रहे है ताकि वे संगीत शिक्षक की नौकरी पा सके और तबले का ये हुनर नयी पीढ़ी तक पहुंचा सके जो डीजे और पाश्चात्य संगीत की हुड़दंग में कहीं खोने लगा है।
तबला वादक नरेंद्र और अर्जुन भले ही उस्ताद हो गए, लेकिन लम्बे समय से गुमनामी की ज़िन्दगी जी रहे थे। वैसे तबले पर कमाल इनके पिता और दादा का भी कुछ कम नहीं रहा, लेकिन वे उच्च शिक्षित नहीं थे।
ये दोनों तबला वादक हाल ही में सुर्खियों में तब आये जब ग्वालियर में 25 दिसंबर को तानसेन संगीत महोत्सव में 1500 तबला वादकों के साथ तबला बजाने का मौका मिला और वह इवेंट गिनिज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया, जिसमे इन दोनों के नाम भी शामिल हुए। वही इस दिन को सीएम मोहन यादव ने तबला दिवस के रूप में मनाने का ऐलान कर दिया।
इन दोनों भाइयो ने पड़दा की गलियों से निकलकर शोहरत तो कमा ली अब इनको इंतज़ार है एक अदद नौकरी का।
इस खबर का पूरा वीडियो वॉइस ऑफ़ एमपी के यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं।