चित्तौड़गढ़। रखरखाव के अभाव एवं उपेक्षा के चलते दुर्दशा के शिकार चित्तौड़गढ़ शहर एवं आस पास के समस्त खेल मैदानों से नियमित खिलाड़ियों व आमजन को हो रही असुविधा को लेकर समस्त खिलाड़ियों की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर उचित कार्यवाही की मांग की गई।
दिये गये ज्ञापन में बताया कि चित्तौड़गढ़ में वर्तमान में कई प्रतिभावान खिलाड़ी उभर रहे हैं जो राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल से चित्तौड़गढ़ को गौरवान्वित भी कर रहे हैं। खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास की जरूरत रहती है। ऐसे में गोरा बादल स्टेडियम, इंदिरा गांधी स्टेडियम, पीजी कॉलेज व दुर्ग फतहप्रकाश सहित चित्तौड़गढ़ शहर एवं आस पास के सभी खेल मैदान विगत गई समय से उपेक्षा के शिकार हो रखे हैं। गोरा बादल में विगत 8 माह से मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं, नवीनीकरण का कार्य बंद पड़ा है। इंदिरा गांधी स्टेडिय में ना तो फुटबाल के पोल लगे हुए हैं ना ही लाईट की व्यवस्था, पीने योग्य पानी है। पीजी कॉलेज ग्राउण्ड भी बहुत ठोस होकर कंटीले झाड़, झंझाड़ से अटा पड़ा है। विद्युत, पानी की व्यवस्था नही है, पुराने व जर्जर फुटबाल के पोल है जो कभी भी दुर्घटना कारित कर सकते हैं। दुर्ग का फतहप्रकाश खेल मैदान में भी करीब 5 माह से मिट्टी के ढेर लगे होकर और साफ सफाई से महरूम है।
ज्ञापन में बताया गया कि खेल मैदान के अभाव में खिलाड़ीगण त्रस्त है। शहर वासियों के लिए बाकी मैदान भी काफी दूरी पर पड़ते हैं। आमजन भी नित्य उपयोग से वंचित है। इस संबंध में पूर्व में भी लिखित में अवगत कराया गया था किन्तु स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। समस्त खेल मैदानों को त्वरित प्रभाव से दुरस्त कराये जाने की मांग की गई।
इस अवसर पर सुरेश ईनाणी, ओमनाथ, शाशि मोहम्मद शकील, रामेश्वर, मुकेश बाथरा, राजू शालीमार, सूरज प्रजापत, राजू प्रजापत, गणपत वैष्णव आदि उपस्थित थे।