भगवानपुरा। रविवार को महर्षि मार्केंडेय ऋषि की तपोभूमि नन्हेंश्वर धाम स्थित साल में एक बार खुलने वाले जलमंदिर में विराजित अतिप्राचीन शिवलिंग श्री हाटकेश्वर भगवान के दर्शन के लिए आस्था का जनसैलाब उमड़ा। इस बार 27 साल का रिकार्ड टूटा है। सुबह से ही बावड़ी में मोटर लगाकर पानी खाली कराने का सिलसिला शुरू हो गया था। उसके पश्चात पांच जोड़ों से विधिपूर्वक श्री मार्केंडेश्वर महादेव की शिवलिंग का पंचाम्रत से अभिषेक किया गया। यहाँ दर्शन के लिए लम्बी कतारें सुबह से ही लगना शुरू हो गयी थी।
इस अवसर पर पूरे नन्हेश्वर धाम को आकर्षक रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया। लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मार्केंडेश्वर भगवान के दर्शन किये। वहीं पूज्य श्री हरिओम बाबाजी के सान्निध्य में व जनसहयोग से विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ।
जिसमें शिव भक्तों ने सब्जी पूरी की महाप्रसादी ग्रहण की। भंडारे की व्यवस्था ग्राम भग्यापुर और भगवानपुरा के ग्रामीणों ने संभाली। आयोजन में आसपास सहित दूर दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। शाम 7 बजे जल मन्दिर के पट बन्द कर दिए। वहीं शाम तक दर्शन का दौर चला। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरे समय व्यवस्था में मुस्तैद रहा। इस मंदिर के रोचक तथ्य है कि यह वर्षभर जलमग्न रहती है। बावड़ी में सात फिट पानी एक नियत स्थान तक बना रहा है न घटता है और न ही बढ़ता है। इसके दर्शन के लिए राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात अन्य राज्यों से भी शिवभक्त आते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार जल में विराजित शिवलिंग के दर्शन करने का विशेष महत्व माना गया है।