नयागांव। निंबाहेड़ा में बुधवार को दिगंबर जैन धर्मावलंबीयो ने विगत पांच दिनों से चल रहे पंच कल्याणक महा महोत्सव के अंतर्गत मोक्ष कल्याणक की क्रियाएं संपन्न कर महाअनुष्ठान को संपन्न कर नवीन जिनालय में जिन प्रतिमाओ को विराजित किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने कलश धारण कर जिन प्रतिमाओं की रथ यात्रा निकाली। विश्वहितचिंतक आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के शिष्य मुनिश्री विमल सागरजी, मुनिश्री अनंतसागर जी, मुनिश्री धर्मसागर जी एवं मुनिश्री भावसागर जी के सानिध्य में एवं ब्रह्मचारी प्रदीप भैयाजी सुयश अशोक नगर के निर्देशन में आदिनाथ मांगलिक भवन में नवीन जिनालय के निमित्त पांच दिवसीय पंच कल्याणक महोत्सव का समापन पर श्रद्धालुओ अनुष्ठान के साथ यज्ञोंपवित संस्कार किए समस्त मांगलिक क्रियाओ में पूरे देश से बड़ी तादात में श्रद्धालु आए समापन दिवस पर बुधवार प्रातः कालीन बेला में मंगलाष्टक, दिग्बंधन, रक्षामंत्र, शांतिमंत्र, नित्यमह अभिषेक, शान्तिधारा, पूजन कर भगवान आदिनाथ को निर्वाण प्राप्ति (मोक्षगमन) अग्नि कुमार देवो का आगमन, नख केश विसर्जन, सिद्ध गुणारोपण विधि, सिद्ध पूजन, मोक्ष कल्याणक पूजन, विश्व शांति महायज्ञ हुआ श्रद्धालुओ ने भक्तिमय नृत्य कर अपनी आस्था जताई। श्वेत पीले केसरिया, लाल रंग के वस्त्र में प्रभु के जय जयकारों से परिसर गुंजायमान कर दिया।
दोपहर को मांगलिक भवन से श्रीजी की शोभायात्रा निकाली नवीन वेदी पर पाषाण से भगवान बनी जिन प्रतिमाओं को मुनि वृंदो की उपस्थिति में पंडित प्रदीप भैया ने विधि विधान से विराजमान करा शिखर पर कलाशारोहण, ध्वजदंड स्थापित किया। प्रभु की विशाल रथयात्रा निकाल कर नवीन जिनालय में स्थापित भगवान पार्श्वनाथ और शांति नाथ भगवान के महामस्तकाभिषेक आदि कार्यक्रम हुए अवसर पर आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री विमल सागर महाराज ने कहा कि आप कैलाश पर्वत का ध्यान करें, वहां ठंड रहती है, भगवान ध्यान में लीन है, पुण्य को नष्ट नहीं करना है, यह आत्मा को पवित्र करता है, भगवान के मोक्ष जाने के बाद लोग उदास हो गए थे और फिर मंदिर बनवाये और कहा आपको वही फल मिलेगा जो साक्षात भगवान के दर्शन से मिलता है, छठे काल तक सुरक्षित रहेंगे मंदिर, भगवान के मोक्ष की क्रियाएं जो करते हैं आगे मोक्ष प्राप्त करते है, मोक्ष कल्याणक की भस्म लगाना चाहिए, स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है, सिद्ध शिला अर्धचंद्राकार होती है, समाज के प्रवक्ता मनोज सोनी के अनुसार पंच कल्याणक महोत्सव के अंतर्गत आज अंतिम दिवस पर विद्वत जन सहित समाज के इस महती कार्यक्रम में सहयोग करने और समस्त कार्यक्रम में सहभागी कर सफल बनाने पर समाज के पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। अग्नि कुमार देव बनने का सौभाग्य कलशारोहण, ध्वजारोहण का सौभाग्य कर्ता अशोक पाटनी, आर के मार्बल, वंडर सीमेंट परिवार को प्राप्त हुआ। जिन प्रतिमाओं के रथ में बैठने का सौभाग्य अमित सेठी परिवार को प्राप्त हुआ वही मंदिर शिखर पर कलश स्थापना का अनुमोदनिय कार्य प्रेमचंद विकास मोदी परिवार को रहा। सोधर्म इंद्र बने सुशील पाटनी एवं महायज्ञ नायक बने मनोज पटवारी परिवार को आज भगवान की जिनाभीषेक शांति धारा का पुण्य अर्जन मिला।