इंदौर। पंचकुईया स्थित वीर बगीची में तीन दिवसीय हनुमान जयंती महोत्सव की शुरुआत रविवार को दीपदान महोत्सव के साथ हुई। इस अवसर पर अलीजा सरकार का भी आकर्षक श्रृंगार किया गया।
वीर अलीजा भक्त मंडल ने बताया कि श्रीश्री 1008 श्री बाल ब्रह्मचारी प्रभुवानन्दजी सद्गुरू महाराज के शिष्य बाल ब्रह्मचारी पवनान्द महाराज के सान्निध्य में सुबह अलीजा सरकार का अभिषेक किया गया तो वही शाम को भक्तों की मौजूदगी में दीपदान महोत्सव मनाया गया। 11 हजार दीपों से रोशन वीर बगीची व अलीजा सरकार का दरबार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मंदिर परिसर के मुख्य द्वार पर बालिकाओं द्वारा जयश्रीराम की आकर्षक व भव्य रंगोली सजाई गई। इसमें भक्तों ने दीपों से सजावट कर जयश्रीराम का नाम दीपों से रोशन किया। अलीजा सरकार के दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों के लिए भी दर्शन व पूजन के लिए भक्त मंडल ने अलग से व्यवस्था की थी। संध्या आरती में हजारों की संख्या में भक्त पहुंचे। महाआरती के बाद सभी भक्तों को प्रसादी का वितरण भी किया गया।
वीर अलीजा भक्त मंडल ने हनुमान जन्मोत्सव पर वीर बगीची के मुख्य द्वार सहित मंदिर के शिखर को भगवामय किया था। वही मंदिर के प्रवेश द्वार पर भगवान आदिशंकर की भव्य प्रतिमा भी यहां आने वाले भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। दर्शन-पूजन करने वाले भक्तों को सामाजिक सरोकार के संदेशों के साथ ही अपने घरों की छत पर पक्षियों के लिए सकोरे रखने व दाना-पानी रखने का संकल्प भी दिलाया गया।
सोमवार को भस्म व विभिन्न औषधियों से होगा महाअभिषेक
सोमवार सुबह 9 बजे राजाधिराज श्री वीर अलीजा सरकार का केसर, औषधियों का जल, चंदन, इत्र, दुध, 7 पवित्र नदियों का जल, पंचामृत और भस्म से महाअभिषेक 11 विद्वान पंडितों एवं आश्रम के वेदपाठी बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोउच्चार के साथ किया जाएगा। 12 बजे महाआरती एवं इसी दिन अखण्ड रामायण पाठ की शुरुआत भी होगी। जो सुबह 9 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 9 बजे तक जारी रहेगी।
हनुमान जयंती पर होगा स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार
मंगलवार को हनुमान जन्मोत्सव पर वीर बगीची में अलीजा सरकार का स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार होगा। स्वर्ण श्रृंगार में स्वर्ण हसली, कंठा, राम नाम की माला, मुकुट व स्वर्ण कुंडल के साथ ही 15 ग्राम सोने के बरक से अलीजा सरकार को स्वर्ण चोला चढ़ाया जाएगा। सुबह 6 बजे भक्त मंडल एवं श्रद्धालुओं द्वारा जन्म आरती की जाएगी। शाम 5 बजे महाआरती कर भगवान को छप्पन भोग समर्पित किए जाएंगे। वीर बगीची को 25 प्रकार के देशी व विदेशी किस्मों के फूलों से फूल बंगला सजाया जाएगा।