BREAKING NEWS
NEWS : विश्व बंधुत्व और शांति के संदेश के साथ.. <<     KHABAR : विश्व आदिवासी दिवस पर निकली भव्य रैली,.. <<     KHABAR : सदाशिव चौहान की 13वीं पुण्यतिथि पर सेवा का.. <<     KHABAR : दो दिन से लापता 25 वर्षीय युवक की कुएं में.. <<     VIDEO NEWS: विश्व आदिवासी दिवस पर नीमच में दिखी.. <<     BIG NEWS : विश्व आदिवासी दिवस पर नीमच में दिखी.. <<     BIG NEWS : नीमच में स्वच्छता के दावों की खुली पोल,.. <<     KHABAR : मोरवन के बड़े मंदिर पर आज से शुरू होगी सात.. <<     KHABAR : सरपंच के नोहरे का ताला तोड़कर दो दुधा,.. <<     भीलगांव में हजारों कांवड़ियों का भव्य.. <<     KHABAR : श्रावण में कल मोरवन से निकलेगी भव्य कावड़.. <<     KHABAR : कविता, शायरी से सजी सार्थक सृजन की शाम,.. <<     NEWS : जिज्ञासा ही ज्ञान का प्रथम द्वार, प्रभु.. <<     NEWS : ढाबेश्वर से अटलेश्वर महादेव तक गूंजा हर-हर.. <<     NEWS : राणा पूंजा भील समिति ने सेवा कार्य के साथ.. <<     BIG NEWS : डीएसटी और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त.. <<     BIG NEWS : मंदसौर जिले में देर रात भयानक सड़क हादसा,.. <<     KHABAR : 11 अगस्त को कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर्स.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 23, 2024, 12:51 pm
KHABAR : गांव सरसी में दाल, बाटी, चूरमा का भोग लगाकर करेंगे इंद्रदेव से बारिश की कामना, कामकाज बंद रख मनाई जाएगी उजमनी, पढ़े पवन धाकड़ की खबर 

Share On:-

सरसी। जावरा क्षेत्र के आस पास गांव में जगह-जगह उजमनी कर इंद्रदेव को मनाने की कोशिश की जा रही है। ताकी अन्न दाता किसानो की सोयाबीन सहित अन्य फसलों को नया जिवन दान मिल सकें उसी को लेकर कल शनिवार को जावरा समीप गांव सरसी मैं भी उजमनी मनाई जाएगी सभी वर्ग द्वारा अपने खेतों एवं जंगल में दाल, बाटी, चूरमा बनाकर इंद्रदेव को भोग लगाकर अच्छी बारिश की कामना की जाएगी.. वही इस दिन गांव के पंच-पटेल और ग्रामीण जन ढोल-धमाकों के साथ सभी देवी देवताओं को नौतने जाते हैं इस दौरान सभी देवी-देवताओं के सिंदुर लगाकर व धूप ध्यान भी किया जाता है इस दौरान मंदिर में पूजा अर्चना की जाएगी तथा पूरे गांव में कार्य बंद रखा जाएगा। 

आपको बता दे कि अच्छी बारिश के लिए मालवा क्षेत्र में खेड़ा देवत पूजन की परंपरा निभाई जाती है. इसके तहत खेड़ा देवत का पूजन कर गांव के बाहर दाल बाटी चूरमा बनाया जाता है खेड़ा देवत पूजन अच्छी बारिश की कामना को लेकर इंद्रदेव को रिझाने के लिए इस परंपरा का निर्वहन आज भी कई गाँवो में किया जाता है यह परंपरा काफी समय से चली आ रही है ग्रामीण इलाकों में मानसून से पहले या बुवाई के बाद खेड़ा देवता पूजन का रिवाज है खेड़ा देवता पूजन के दिन लोग घरों से बाहर खाना बनाते हैं भगवान इंद्र देव के साथ सभी देवी- देवताओं को चूरमे का भोग लगाकर परिवार के सारे लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं. इसके पीछे एक मात्र मान्यता यह है कि खेड़ा देव पूजन से अच्छी बारिश होती है।

कई परिवार सामूहिक तौर पर गांव के बाहर किसी प्रमुख स्थान पर एक साथ खाना बनाकर अपने-अपने देवी-देवताओं को भोग लगाकर इस अनूठी परंपरा का निर्वहन करते हैं. हालांकि अब यह परंपरा गांव तक ही सीमित रह गई है. शहरों से यह परंपरा धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है. इसके चलते शहरों में रहने वाले गांव के लोग इस दिन अपने पैतृक गांव पहुंचकर खेड़ा देवत की पूजा में शामिल होते हैं. इस दिन गांव के बाहर सार्वजनिक स्थान या फिर अपने खेतों पर चूरमा, दाल और बाटी बना कर देवी-देवताओं को भोग लगाने का रिवाज है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE