जबलपुर। जिले के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पर नौकरी के बदले फेवर मांगने के आरोप लगे हैं। महिला अतिथि शिक्षक का आरोप है कि प्रिंसिपल ने जॉइनिंग के बदले रिलेशन बनाने की डिमांड की है। बात नहीं मानी तो स्कूल से बाहर निकाल दिया जाएगा। मामला बरगी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है।
महिला टीचर स्टूडेंट्स और अन्य लोगों के साथ सोमवार को एसपी ऑफिस पहुंची। यहां उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 में प्रिंसिपल ने स्कूल जॉइन किया, तब से वे परेशान कर रहे हैं। एएसपी सोनाली दुबे ने बरगी पुलिस चौकी प्रभारी को जांच सौंपी है। वहीं, प्रिंसिपल किशन रायखेड़े का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं। शिकायत करने वाली टीचर की जॉइनिंग 21 अगस्त 2024 को करवा दी गई है। टीचर खुद जांच से बच रही हैं।
टीचर ने बताया कि वे 11 साल से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अतिथि शिक्षक हैं। वे स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों के साथ भी अभद्र व्यवहार करते हैं। कई बच्चों पर दबाव बनाते हुए प्रिंसिपल ने कोरे कागज पर साइन भी करवा लिए। वजह पूछने पर नहीं बताया। इससे पहले वे शुकरी के स्कूल में थे। वहां भी उनकी इसी तरह की हरकत थी। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, तब निलंबित भी हुए थे।
12वीं क्लास की एक छात्रा ने बताया, वह प्राइवेट पढ़ाई कर रही है। स्कूल में बैठने के लिए जब प्रिंसिपल से परमिशन लेने गई तो उन्होंने कहा कि अकेले में आना, तब बात करेंगे। फिर स्कूल में बैठने की अनुमति मिलेगी।
आरोप पर प्रिंसिपल का कहना है कि जिस अतिथि शिक्षक ने शिकायत की है, उन्हें 21 अगस्त 2024 को दोपहर 12.44 बजे स्कूल में पढ़ाने की अनुमति दे दी गई थी। यह पोर्टल में प्रमाणित है। इसी दिन शाम को 4 बजे भी उन्होंने मेरे खिलाफ शिकायत की। 29 अगस्त को दूसरी बार और फिर 9 सितंबर को बच्चों को भ्रमित करते हुए शिकायत की जा रही है। शिक्षा विभाग की आंतरिक परिवाद की टीम इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने टीचर को कई बार बयान देने के लिए बुलाया, वे नहीं गईं। 4 सितंबर को जिला शिक्षा विभाग की टीम स्कूल आई थी, तब भी टीचर का कहना था कि उन्हें जांच नहीं करवाना है।