कुकड़ेश्वर। क्षेत्र के किसानों को बिजली कटौती की समस्या से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में सिंचाई के लिए बिजली का इंतजार करने वाले किसानों का कहना है कि निर्धारित समय से पहले ही बिजली काट दी जाती है, जिससे उनकी फसलें सूखने का खतरा बढ़ गया है।
किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग समय से 10-20 मिनट पहले ही सप्लाई बंद कर देता है और 20-30 मिनट बाद ही बिजली लौटती है। इसके अलावा, कभी-कभी मेंटेनेंस के नाम पर बिना सूचना के बिजली कटौती कर दी जाती है, जिससे उनकी फसल की सिंचाई बाधित होती है और फसलें खराब होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण किसानों को न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
क्षेत्र के किसानों ने स्थानीय विधायक और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों से मिलकर इस समस्या का समाधान करवाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि इस समस्या का हल जल्द नहीं निकला तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि बिजली कटौती के लिए एक तय शेड्यूल जारी किया जाए ताकि वे अपनी फसल की देखभाल बेहतर ढंग से कर सकें।
किसानों का यह भी सुझाव है कि मेंटेनेंस के लिए पूर्व सूचना दी जाए और कटौती के समय को सीमित रखा जाए ताकि वे अपने कृषि कार्यों को समय पर पूरा कर सकें।