खरगोन। सर्व वर्गीय कलचुरी कलाल समाज ने शुक्रवार को आराध्य देव भगवान राजराजेश्वर सहस्त्रार्जुन का जन्मोत्सव उत्सवी माहौल के बीच मनाया। कलश यात्रा में समाज की महिलाओं ने कलश शिरोधार्य किए। भक्ति गीतों पर महिलाओं ने गरबा नृत्य किया। कलश यात्रा के दौरान एक रंग में साफे बांधकर पुरुष शामिल हुए।
सुसज्जित बग्घी में भगवान सहस्रबाहु का आदमकद चित्र विराजित किया था, रास्ते भर लोगों ने दर्शनकर पुष्प मालाएं अर्पित की। कलश यात्रा सराफा बाजार, पोस्ट ऑफिस चौराहा होकर दोपहर 12 बजे नूतननगर पशुपतिनाथ मंदिर पहुंची। यहां पंचमुखी महादेव मंदिर परिसर में यात्रा को विराम दिया गया।
समाज के वरिष्ठ परशराम चौहान ने बताया शास्त्र अर्जुन भगवान की सहस्त्र भुजाएं थी। किवंदती है कि उन्होंने स्नान के दौरान महेश्वर में मां नर्मदा को भी अपनी भुजाओं में रोक लिया था उन्होंने यहां रावण को भी कैद कर रखा था। उन्हें भगवान का जन्मोत्सव सर्ववर्गीय कलचुरी कलाल समाज धूमधाम से मनाता है।
जयकारे लगाए, दोपहर में सम्मान समारोह
सुबह समाजजन कुंदा तट स्थित श्रीगणेश मंदिर परिसर में इकट्ठा हुए। यहां से 10 बजे कलश यात्रा निकाली गई। समाजजन भगवान के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। दोपहर में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। आयोजन में जिलेभर के समाजजन शामिल हुए।