उज्जैन। जिले की उन्हेल मंडी में 12 बोरी नया लोकवन गेहूं मुहूर्त में 3,333 रुपए क्विंटल बिक गया। इसके अलावा संभाग की अधिकतर कृषि मंडी में नया गेहूं बिकना शुरू होने लगा है। 15 फरवरी से संभाग की कृषि उपज मंडी में गेहूं की भरपूर आवक होने लगेगी। इस बार अलग-अलग पारियों में गेहूं की बुवाई की गई।
ऐसे में फरवरी से नए सीजन की शुरुआत भी हो रही है। दो साल से गेहूं महंगा होने से सरकारी समर्थन दाम पर खरीदी टारगेट से दूर रहने से स्टॉक व्यापारियों के पास भारी मात्रा में गेहूं स्टॉक होने से बाजार में 35 रुपए किलो गेहूं और 40 रुपए किलो आटा खरीदना पड़ रहा है। इस साल 320 लाख हेक्टेयर में गेहूं की पैदावार बताई जा रही है। केंद्र के कृषि मंत्रालय ने 1150 लाख टन गेहूं पैदावार का टारगेट रखा है।
इस वर्ष समर्थन मूल्य 2425 रुपए का है, किसानों ने 2700 रुपए समर्थन मूल्य की मांग रख दी है। दो साल से गेहूं कारोबार में 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल का मुनाफा मिल रहा है। इसके चलते सरकारी टेंडर भी 300 से 400 रुपए क्विंटल ऊंचे भाव के खुल रहे हैं। गेहूं की कमी से स्थिति महंगाई वाली हो गई। किसानों को इस महंगाई का लाभ नहीं मिला है। गेहूं बेचने का पंजीयन शुरू हो गया है। किसानों को समर्थन दाम पर गेहूं बेचना तो वह पंजीयन करवाकर गेहूं बेच सकते हैं।
मंडी में गज्जर गेहूं 2530 में हुआ नीलाम
इधर, नए गेहूं की आवक पर ब्रोकरेज संजय खंडेलवाल ने कहा आगामी तेजी को ब्रेक लगेगा लेकिन भाव करने की स्थिति नहीं बनेगी। आटा मिल वालों को एक माह तक पूर्णा गेहूं ही चलन में लाना पड़ेगा। इधर, मंडी में उपज बेचने आए किसान नागेश्वर सुवासा ने कहा गेहूं की उपज अच्छी मिलेगी। सरकार ने भाव भी अच्छे खोल दिए लेकिन भाव 2700 रुपए क्विंटल होना चाहिए। इधर, मंडी नीलाम में गज्जर क्वालिटी का गेहूं, जो आटा बनाने के काम आता है, वह 2530 रुपए प्रति क्विंटल तेज भाव पर नीलाम हुआ है। आटा मिल वाले पुराना गेहूं ऊंचे भाव पर भी खरीदने को तैयार रहते हैं।