खरगोन। मंगलवार को शा. मा. विद्यालय, करोंदिया में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 के तहत जी. आर. व्हाय. इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी, बोरावां विद्यार्थियों व शिक्षकों द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, रेड रिबन क्लब और एनएसएस संगठनों के सहयोग से एक दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया गया। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का लक्ष्य 2047 तक भारत में सिकल सेल एनीमिया को खत्म करना है। यह मिशन जागरूकता सृजन, प्रभावित क्षेत्रों में 0-40 वर्ष की आयु के लगभग सात करोड़ व्यक्तियों की सार्वभौमिक जांच पर केंद्रित है। इस मिशन की जानकारी सामान्यजन तक पहुंचाने लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कसरावद के स्वास्थ्य विभाग से ब्लॉक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष बड़ोले के निर्देश पर दीपक नारिया प्रयोगशाला इंचार्ज, बलराम पाटीदार प्रयोगशाला तकनीकीशिन, नंदिनी मुकाती एवं सोनू राठौर द्वारा परीक्षण एवं सहयोग किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जहां लाल रक्त कोशिकाएं अर्धचंद्राकार या ‘‘सिकल’’ आकार धारण कर लेती हैं। जिससे खराब ऑक्सीजन परिवहन, दर्द, विकास में कमी और फेफड़े, हृदय, गुर्दे, आंखें, हड्डियां और मस्तिष्क जैसे कई अंगों को भी प्रभावित करता है। इस रोग का पता केवल रक्त परीक्षण के द्वारा की किया जा सकते है। मध्य प्रदेश इस पहल में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है, जिसने 2024-25 की अवधि में 90 लाख से अधिक स्क्रीनिंग हासिल की है।