भगवानपुरा। शासकीय महाविद्यालय भगवानपुरा में शहीद एवं मद्य निषेध संकल्प दिवस का आयोजन प्राचार्य डॉ प्रकाश सोलंकी ने की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ प्रकाश सोलंकी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को कमजोर करता है। आज हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम स्वयं नशा मुक्त रहेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को मद्यपान एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना था। प्राचार्य ने मंच से नशामुक्त परिसर की घोषणा की साथ ही किसी के भी द्वारा महाविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार का नशा करते पाए जाने पर स्टाफ़ सदस्यों के प्रोफेसरों एवं कर्मचारियों पर अर्थदंड लगाया जायेगा। उपस्थित विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं स्टॉफ को मादक पदार्थों एवं मदिरापान के त्याग का संकल्प दिलवाकर संकल्प पत्र भरवाये तथा सभी से नशा न करने एवं अपने परिवार व समाज को भी नशामुक्ति की दिशा में आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं को तथा अपने आसपास के लोगों को नशामुक्ति के लिए जागरूक करेंगे, ताकि समाज में एक स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सके। इस अवसर पर शहीदों के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ विवेक दुबे एवं आभार डॉ मंजरी पांडेय द्वारा व्यक्त किया गया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी प्रो सोहन गुर्जर द्वारा दी गई।