नीमच। विधायक दिलीपसिंह परिहार आशा करता हूं कि आप कुशलपूर्वक होंगे। मैं हमेशा आपकी कुशलता और स्वस्थ्य जीवन की कामना करता हूॅं। आप नीमच की एक लाख पचास हजार जनता के प्रतिनिधि हैं और जनता ने आपको चार बार विधायक चुनकर अपना भरपूर बढा चढाकर समर्थन दिया है। हाल ही में मोहन सरकार के विजन 2047 के सम्बंध में जो बैठक हुई, एक अच्छी सरकार का विजन लम्बा होना चाहिए, यह उचित है। परन्तु जो योजनाएं पहले बनी हैं, और वे फाईलों के फीतों में बंद हैं, उन पर ध्यान देना भी अत्यन्त आवश्यक है।
नीमच क्षेत्र के वासी आपसे कुछ अपेक्षाएं आपके किए गए वादों के अनुसार रखते हैं। आशा है कि आप उन्हें शीघ्र पूरा कर अपने वादों पर खरे उतरेंगे। भाटखेडा-डूंगलावदा फोरलेन की घोशणा आप कई बार कर चुके हैं। आपको इस बात के लिये बधाई कि आपने भाटखेडा डूंगलावदा रोड स्वीकृत करवाया जिसके टेण्डर होने की भी घोशणा भी कर चुके हैं। जल्द ही इसका वर्क आर्डर जारी करवाकर इसका कार्य शुरू करवा दें। अब तो इस मार्ग पर यातायात भी दुगना हो गया है। यह मार्ग जेतपुरा क्रासिंग मार्ग की तरह दुर्घटना झोन न बन जाए, उसके पहले इस मार्ग का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवा दें तो कई लोगों को असमय दुर्घटना में काल का ग्रास नहीं बनना पडेगा।
नीमच जिले को चम्बल का पानी मिले इसके लिये नीमच की अग्रणी संस्था कृति पिछले 15 वर्शों से आपके और प्रदेश व केन्द्र सरकार से गुहार लगाती चली आई है। चम्बल के पानी की यह योजना आंशिक रूप से तो स्वीकृत हो गई है। चम्बल का पानी ग्रामीण क्षेत्र को मिलने की दिशा में तो कार्य आरंभ हो गया है परन्तु नीमच शहर को छोड दिया गया है। आप पम्पा जोडने की बात करते हैं, बजाय पम्पा जोडने के नीमच क्षेत्र को भी इस योजना में जोडकर नीमचवासियों के हक का पानी मिले, नीमच शहर को भी इस योजना में सम्मिलित कराने का कश्ट करें।
नीमच की वर्शों पुरानी बंगला बगीचा समस्या जिस पर नीमच की 60 प्रतिशत आबादी निवास करती है, इसका आंशिक निराकरण पिछले नगरपालिका अध्यक्ष के कार्यकाल में हुआ था। आपके कथनानुसार हाथी निकल गया है, पूंछ रह गई है। महोदय जब तक पूंछ नहीं निकलती हाथी वहीं अटका रहेगा। आपसे अनुरोध है कि इस पूंछ को शीघ्र निकालने का कश्ट करें वरना पूंछ के दर्द से हाथी चिंघाडता रहेगा। जब पूरी पूंछ निकल जाए तो बिना किसी विलम्ब शुल्क के एक माह नहीं तो दो या तीन माह में सभी के व्यवस्थापन की कार्यवाही पूर्ण हो जाए यह सुनिश्चित करें। यह भी अपनी नजर में रखें कि नगरपालिका में व्यवस्थापन के नाम पर अनावश्यक दस्तावेज की मांग कर अधिकारियों-कर्मचारियों का कोई सेवा शुल्क नहीं हो और नगरपालिका अपना जायज शुल्क लेकर इस कार्य को यथासमय पूरा करें।
मध्यप्रदेश की पिछली शिवराजसिंह सरकार के कार्यकाल में गरीब बच्चों के लिये सीएम राईज स्कूल का कन्सेप्ट आया था। 2017 में आई इस योजना में नीमच जिले के जावद और मनासा विधानसभा क्षेत्र के सीएम राईज स्कूल के भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। साथ ही इन्हीं विधानसभा क्षेत्रों की अन्य जगहों के लिये भी क्रमशः पांच और तीन नये स्कूल स्वीकृत हो चुके हैं। परन्तु जिला मुख्यालय जहां के आप विधायक हैं इतने वर्शों में सीएम राईज स्कूल के लिये शहर के मध्य जगह का अभी तक चयन नहीं हुआ है। जबकि बीच शहर में स्कूल के मापदण्डों के अनुसार पर्याप्त जगह मौजूद है। उम्मीद है कि आप गरीब बच्चों को भी प्रायवेट स्कूलों की तरह अच्छे परिसर में सर्वसुविधायुक्त बेहतर शिक्षा मिले इसकी तरफ बिना किसी पूर्वाग्रह के ध्यान देंगे। गरीब के बच्चे आपको दुआएॅं देंगें।
नीमच के सुगम यातायात के लिये बघाना रेल्वे फाटक पर एक फ्लाई ओवर ब्रिज की मांग वर्शों से की जा रही है। आपका यह चौथा विधायक काल है। राज्य और केन्द्र में भी 2014 से आपकी पार्टी की सरकार है जिसे आपकी भाशा में ट्रिपल इंजन की सरकार कहा जाता है। इतने वर्शों बाद भी इस समस्या का निदान नहीं होना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय और आपके लिये शर्म की बात है। नीमच रेल्वे स्टेशन का भी विस्तार हो रहा है। डबल लाईन डलने के बाद उम्मीद है कि नीमच को कुछ और नई गाडियां भी मिलेंगी तो फाटक बंद रहने का समय और बढेगा। आपके रहते क्षेत्र की जनता कश्ट पा रही है यह बात तो ठीक नहीं है।
प्रधानमंत्री जिनके गुणगान आप अपने भाशणों में हर जगह करते हैं उन्हीं के द्वारा घोशित की गई निम्न आय वर्ग के लोगों के लिये बनाई गई प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास बने हुए लगभग चार पांच साल हो गए हैं। पात्र व्यक्तियों ने अपना पेट काटकर उसके लिये वांछित राशि भी जमा कर रखी है। मगर उनका स्वयं के मकान का सपना अभी तक पूरा नहीं हुआ, उनके कई बुजुर्ग मां बाप तो अपने बच्चों के खुद के घर में रहने का सपना लेकर ही इस दुनिया से चले गये। जिन्होंने राशि जमा कर रखी है उनकी उम्मीद नाउम्मीदी में ना बदल जाए, उनके सर पर खुद की छत का सपना टूटे इससे पहले उन्हें मकान दिलवा दीजिये, जिससे वे वहां रह सकें।
नीमच का मास्टर प्लान लगभग 24-25 साल से बनता रहा है मगर लागू आज तक नहीं हुआ, इसमें इतना अवश्य होता रहा है कि किसी भी निर्माण से पहले नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से स्वीकृति के नाम पर फाइल का पेट भरने से ही स्वीकृति मिली है वरना आप तो जानते ही हैं कि विभिन्न विभागों में काम को किस तरह अटकाया जाता है।
नीमच नगरपालिका क्षेत्र के विस्तार के लिये तेरह गांवों को इसमें मिलाने का प्रस्ताव भी इन्हीं मास्टर प्लान में तबसे शामिल किया जा चुका है परन्तु इतने वर्शों में गांवोंको मिलाने का कार्य तो नहीं हुआ, परन्तु नगरालिका की सैंकडों एकड भूमि विभिन्न योजनाओं में चली गई। अब क्यों, किसलिए, कैसे चली गई यह लम्बा चौडा विशय है, इसलिये इसे इस पत्र में नहीं लिख रहा हूं। परन्तु एक आवश्यक सुझाव अवश्य दे रहा हूं कि नीमच में विकास प्राधिकरण शीघ्र लाया जाए ताकि नीमच के विकास के द्वार खुल सकें।
नीमच के दोनों छोर पर बहने वाले नाले साफ सुन्दर होंगे और नावें चलेंगी, पिकनिक स्पॉट बनेंगे यह सपना नीमच वासियों को पिछले 20 वर्शों से दिखाया जा रहा है। जितने सपने नीमच वालों ने देखे उससे कई गुना गन्दे यह दोनों नाले हो गये हैं, इन्हीं नालों के गंदे पानी से की जा रही अवैध-वैध सिंचाई से उगाई सब्जियां खाकर नीमचवासी कई गंभीर रोगों से ग्रसित हो रहे हैं। आपने भी नीमच सिटी रोड स्थित सांवलियाजी मंदिर के पीछे नाला साफ कर नावें चलाने, पिकनिक स्पॉट बनाने व नीमच सिटी से मेहनोत नगर जोडने वाली पुलिया की घोशणा की थी। आपके अनुसार आपने इसकी सम्पूर्ण राशि नगरपालिका को दो वर्श पहले दिलवा दी। अगर दिलवा दी है तो उसे निकलवाकर कार्य पूरा करवाने का दायित्व भी आपका है, कोई कल्लू मिस्त्री तो निकलवाने नहीं आएगा ! आदरणीय इससे आपका वादा झूठा हो रहा है। आपकी ही पार्टी की नगरपालिका है तो फिर देर किस बात की ? अगर नारियल फोडने के इंतजाम की वजह से काम रूका हुआ हो तो नारियल का इंतजाम करें।
खेलों के लिये इनडोर आउटडोर स्टेडियम के लिये जमीन कृति संस्था व खेल महासंघ ने आपको सुझाई थी, उसका तो नगरपालिका ने बंदरबांट कर कबाडा कर दिया। अच्छे खासे मैदान की बारह बजा दी। वहां तो खेल प्रशाल आप नहीं बनवा सके। अब इधर उधर खेल बगीचों में इनडोर स्टेडियम बनाने की बातें पिछले दो वर्शों से हम सुन रहे हैं। सुना है कि इसके लिये भी आपने रूपये स्वीकृत करवाकर नगरपालिका को दिलवा रखे हैं, यहां भी नारियल के साथ कौन सी केसर कतली का इंतजाम करें कि इसका काम शुरू हो सके।
लिखने को तो और भी बहुत कुछ है परन्तु इस पत्र में सिर्फ इतना ही। आशा है आप हमारे पत्र को अन्यथा न लेते हुए नीमच के नागरिकों की भावना जो आपके प्रति सदैव शुभ ही रही है, इसका ध्यान रखेंगे। आगे क्या लिखुं आप खुद समझदार हैं। बाकी कुशल मंगल है। जय हिन्द।