नीमच। बंधेज अब पहचान बनेगा चल्दू की। जी हां! बांछड़ा समुदाय के बाहुल्य वाला नीमच जिले का चल्दू ग्राम में नारी सशक्तिकरण एवं सामाजिक कुरीतियों में बदलाव का संकल्प लिया गया। अब यह ग्राम जिला प्रशासन की पहल पंख अभियान के तहत चल्दू बंधेज नाम से कपड़ों के उत्पादन में एक विशेष पहचान बनाएगा। इसके लिए बांछड़ा समुदाय और गांव की अन्य महिलाओं को खास प्रशिक्षण दिया गया है। 5 दिन के इस प्रशिक्षण में 70 महिलाओं ने बंधेज के कपड़े बनाने का विशेष प्रशिक्षण लिया है। इनके प्रशिक्षण के लिए भैरवगढ़ उज्जैन से मोहम्मद आसिफ बड़वाला को बुलाया गया।
चल्दू बंधेज को देशभर में विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए आज नीमच के संयुक्त तहसील भवन में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें हर्षिता हिमांशु चंद्रा, संयुक्त कलेक्टर ममता खेड़े, नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा, एसडीएम संजीव साहू, जागृति जाट, कविता कड़ेला, मंडी सचिव उमेश बसेड़िया और राजनैतिक व सामाजिक संगठनों से जुड़ी अग्रणी महिलाएं मौजूद रही।
डॉ ममता खेड़े ने बताया कि पंख अभियान एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इन महिलाओं को प्रशिक्षित करने का उद्देश्य इन्हें गरिमा के साथ जीवन की जरुरत पूरा करने और आत्म गौरव के साथ नाम कमाने का अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं ने अपने द्वारा तैयार किए गए बंधेज के सलवार सूट,साड़ी और दुपट्टे आदि को मौजूद लोग के बीच में प्रदर्शित किया। उपस्थित जनों ने चल्दू की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए बंधेज के कपड़ों की जमकर सराहना की।
चल्दू बंधेज की प्रोन्नति के इस कार्यक्रम में रेनू चोपड़ा,शिवा मित्तल ,रज़िया अहमद, सुनीता जारोली, मीना जायसवाल, लक्ष्मी प्रेमाणी,अलका गोयल और अन्य ने भी अपने सुझाव दिए। साथ ही चल्दू बंधेज की मार्केटिंग आदि पर भी चर्चा की गई। बताते चलें पूरे अभियान में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की विशेष रूचि और संयुक्त कलेक्टर ममता खेड़े की अहम् भूमिका रही है।