जबलपुर। 29 जनवरी को जबलपुर के टिमरी गांव में हुई सामूहिक हत्याकांड के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ राज्यसभा सांसद विवेक तनखा, पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट, विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व विधायक विनय सक्सेना, पूर्व विधायक संजय यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जीतू पटवारी करीब आधे घंटे तक पीड़ित परिवार के साथ बैठे रहे, इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक बार फिर सरकार और पुलिस पर निशाना साधा। सामूहिक हत्याकांड को लेकर जीतू पटवारी ने इसके लिए अगर कोई एक व्यक्ति दोषी है तो वह है गृह मंत्री। जीतू पटवारी ने कहा कि गृह मंत्री को यह नहीं पता कि उनका क्या दायित्व होता है। मैं उन्हें माइनस 50 नंबर देता हू।
बुलेट ट्रेन की रफ्तार से कर्ज ले रहे है
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इस समय सीएम मोहन यादव जापान के दौरे में है। इस दौरान उन्होंने बुलेट ट्रेन में भी सफर किया। जितनी तेजी से जापान की बुलेट ट्रेन चल रही है, उतनी ही स्पीड से हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव कर्ज लेने की तैयारी चल रही है। सीएम बुलेट ट्रेन में बैठकर बहुत अधिक खुश हो रहे है, इससे पहले अमेरिका गए तो एक गाड़ी में बैठे, वहां से आने के बाद अपने लोगों को किस्सा सुना रहे थे, कि वहां की गाड़ी हवा से भी तेज चलती है, इस तरह की कहानियां वह सुनाते रहते है।
जबलपुर में मीडिया से बात करते हुए पटवारी ने कहा कि अराजकता, आतंक, हत्या और हत्यारे, सब कुछ प्रशासन बन गया है। जीतू पटवारी ने कहा कि पुलिस का काम अब सिर्फ हत्या करवाना बच गया है। मध्यप्रदेश में हो रही घटनाओं को अगर महसूस किया जाए तो कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है। जबलपुर में जिस तरह से चार लोगों की हत्या कर दी गई, वह यह बताता है कि प्रदेश में अब कानून नहीं बचा है। जीतू पटवारी ने कहा कि जबलपुर जैसा संस्कारी शहर में अब हफ्ते में तीन हत्या हो रही है।
भाजपा का जनप्रतिनिधी रावण की सोच का दूसरा प्रतीक
हाल ही में उज्जैन के खाचरोद स्थित मां बगलामुखी मंदिर के पीठाधीश स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने एक वीडियो में विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान को गोवंश के गायब होने का जिम्मेदार बताया और कहा कि, मैं उन्हें विधायक नहीं मानता। संत के समर्थन में अब जीतू पटवारी भी उतर आए है। उन्होंने कहा कि भाजपा का जनप्रतिनिधी याने रावण जैसी सोच का दूसरा प्रतीक, अहंकार भरा। जबलपुर हो या फिर उज्जैन, या फिर इंदौरा, प्रदेश के किसी भी जिले में चले जाओ, ऐसे ही है।