भोपाल। मध्य प्रदेश के लिए खुशखबरी सामने आई है. राज्य में जापान-मध्य प्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. ऐसे में अब सूबे के विकास के लिए जापान मॉडल अपनाया जाएगा।
वहीं, मेट्रो स्मार्ट सिटी में भी जापान का सहयोग मिलेगा. इसके अलावा भोपाल और इंदौर के लिए मेट्रो रेल प्रौद्योगिकी स्मार्ट सिटी समाधान जल प्रबंधन और कचरा प्रबंधन में विशेष सहयोग प्राप्त होगा. दरअसल, जापान की कई बड़ी कंपनियों ने मध्य प्रदेश में निवेश करने में गहरी रुचि दिखाई है।
बता दें कि 1 फरवरी की शाम सीएम डॉ. मोहन यादव जापान से स्वदेश लौटे. उन्होंने नई दिल्ली में मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि जापानी कंपनियों ने मध्य प्रदेश में निवेश करने की गहरी रुचि दिखाई है और कई प्रमुख कंपनियां आगामी समिट में हिस्सा लेंगी. उन्होंने जापान के विभिन्न उद्योगपतियों, निवेशकों के साथ बिजनेस टू बिजनेस (बी-टू-बी) और जापान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट (जी-टू-जी) मुलाकात की और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से बात कीं
सीएम ने कहा कि जापान-मध्यप्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली, जिससे प्रदेश में जल्द ही जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, कौशल विकास केंद्र और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए जापान प्लस सेल की भी स्थापना की जाएगी, जो जापानी निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क और फॉलोअप करेगी. मुख्यमंत्री ने जापान के उद्योगपतियों और निवेशकों को फरवरी में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) में आमंत्रित किया, जिससे निवेश के नए अवसर खुलेंगे।