भोपाल। मध्य प्रदेश में न्यूनतम वेतन को लेकर माहौल गरमा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कर्मचारियों के हित में निर्णय लेने को कहा है। नाथ ने पत्र में कहा कि पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन की सभी वैधानिक बाधाएं दूर हो चुकी हैं, फिर भी आदेश जारी करने में विलंब किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की है कि सरकार श्रमिकों को तत्काल एरियर सहित न्यूनतम वेतन का भुगतान करने के आदेश जारी करे। साथ ही अंशकालीन कर्मचारियों और ग्राम पंचायतों में कार्यरत चौकीदार, भृत्य और पंप ऑपरेटरों के वेतन में भी वृद्धि करे। आउटसोर्स, अस्थाई, अंशकालीन, ग्राम पंचायत कर्मचारी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने इस संबंध में नाथ को ज्ञापन सौंपा था। नाथ ने अपने पत्र के साथ संगठन के अध्यक्ष का ज्ञापन भी संलग्न किया है, जिसमें आउटसोर्स और अस्थाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों का विस्तृत विवरण दिया गया है। यह मुद्दा राज्य के हजारों कर्मचारियों की आजीविका से जुड़ा है, जिन्हें लंबे समय से वेतन वृद्धि का इंतजार है।