मुरैना। अनजाने स्त्रोत से मोबाइल पर आई एपीके फाइल, लुभाने आफर साइबर ठगों का मुख्य हथियार बन चुका है। इसके अलावा कई तरह के मामलों में आपको फंसा बताकर पुलिस अधिकारी बनकर आपको ठग शिकार बना सकते है। इसलिए हमें बहुत जागरूक होकर सुरक्षित तरीके से साइबर उपकरणों का प्रयोग करना है। जिससे हम इन साइबर ठगों से बच सकें। यह बात पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने शासकीय पीजी कालेज में साइबर जागरूकता अभियान के तहत विद्यार्थियों को जानकारी दी। इस दौरान उनके साथ एसबीआइ बैंक मैनेजर, पार्षद योगेंद्र मावई, सीएसपी दिपाली चंदौलिया, टीआइ दर्शन शुक्ला, टीआई दीपेन्द्र यादव, टीआई डिम्पल मौर्य आदि मौजूद रहे।
एसपी समीर सौरभ ने बताया कि राज्य पुलिस केंद्र द्वारा 11 दिवसीय सेफ क्लिक अभियान चलाया जा रहा है एक फरवरी से इस अभियान को चलाया जा रहा है अगर हम कहीं साइबर फ्राड में फंस भी जाते हैं तो अपने परिजन को और पुलिस को जानकारी दें। कई बार लोग सामजिक क्षति को ध्यान में रखकर इसको छुपा जाते है। जिससे बड़ा नुकसान होता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और इंटरनेट मीडिया पर फेक प्रोफेइल और ओटीपी फ्राड के बारे में खुलकर जानकारी दी। इसके साथ ही विद्यार्थियों से भी कहा कि वह अपने परिजन को भी इसकी जानकारी दी। हमें हर हाल में सेफ क्लिक करना है। इसका अर्थ है कि बिना किसी चीज की पुष्टि किए हुए हम किसी भी मोबाइल एप्लीकेशन या लिंक पर क्लिक नहीं करेंगें। हम लोग किसानों, ग्रामीण इलाकों तक इस अभियान को चला रहे है।
पीजी कालेज की बीकॉम की छात्रा श्रद्धा पाराशर का कहना है कि साइबर फ्राड से बचने के बारे में न सिर्फ सीखना है बल्कि अपने परिवार को भी बताना है। अनजानी वीडियो को नहीं देखना है और सेफ क्लिक करना है।
छात्र अंकित सिंह ने कहा कि आज हमें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बैंक के मैनेजर ने भी जागरूकता किया। एक क्लिक की वजह से हम सामाजिक व आर्थिक जोखिम में पड़ सकते है। इसकी जानकारी दी। इस जानकारी को समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाने की बात एसपी ने कही है।