मंदसौर। शहर के पशुपतिनाथ मंदिर में शनिवार को पूर्व जिला पंचायत कर्मचारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। जिसके बाद मंगलवार को मंदिर के सभी कर्मचारियों, पुजारियों और बटुकों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया गया। शनिवार को हुई घटना में परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने सीपीआर देकर बुजुर्ग की जान बचाने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई थी। इस अनुभव से सीख लेते हुए, डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने मंदिर कर्मचारियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से यह सिखाया गया कि किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक आने या तबीयत बिगड़ने की स्थिति में कैसे प्राथमिक चिकित्सा दी जाए। विशेषज्ञों ने सीपीआर की तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया और बताया कि आपातकालीन स्थिति में मरीज की जान कैसे बचाई जा सकती है। यह पहल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है।