कपासन। प्रख्यात सूफी संत हज़रत दीवाना शाह साहब र.अ. के जन्मोत्सव (यौमे विलादत) के मौके पर 25 मोहरर्म, सोमवार 21 जुलाई को अलम शरीफ (झण्डा) चढ़ाने की रस्म अदा की जाएगी। इसके साथ ही बाबा हुजूर के 84वें उर्स की चहल-पहल शुरू हो जाएगी।
दरगाह वक्फ कमेटी के सैक्रेट्री मोहम्मद अब्बास अशरफी के अनुसार बाबा हुजूर के यौमे पैदाईश के मौके पर सोमवार बाद नमाज़े असर के आस्ताना ऐ आलिया एवं बुलन्द दरवाजा पर परम्परा अनुसार अलम शरीफ (झण्डा) चढ़ाने की रस्म अदा की जायेगी।
इस मुबारक मौके पर अहमद कबीर मंजील मे सोमवार प्रातः 11 बजे से दीवाना शाह माध्यमिक विद्यालय के छात्र/छात्रा द्वारा हम्द, नात, मनकबत व तकरीर पेश की जाएगी।
बाबा हुजूर हज़रत दीवाना शाह साहब र.अ. का जन्म 25 मोहरर्म 1292 हिजरी, 4 मार्च 1875 ईस्वी गुरूवार को डीसा-पालनपुर (गुजरात) मे कुरेशी मोहल्ला मे अब्दुल कादिर कुरेशी के घर जेनब बाई की कोख से हुआ था। इस खुशी मे हर साल अलम पेश करने की रस्म अदा की जाती है।
बाबा हुजूर का 84वां उर्स ईन्शा अल्लाह 01 अगस्त से शुरू होकर 03 अगस्त (6 सफर से 8 सफर) को जोहर की अज़ान से पहले कुल की फातिहा के साथ सम्पन्न होगा। झण्डा चढाने की रस्म के साथ ही 84वें उर्स की अनोपचारिक शुरूआत हो जाएगी व जायरीन के आने जाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।