नीमच। शहर के रोटरी हॉल में आज अखिल विश्व णमोकार प्रेम मंडल के सत्र 2025-26 के लिए चुनी गई नई कार्यकारिणी का भव्य पदभार ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर मंडल के सदस्यों, मार्गदर्शक मंडल और पदाधिकारियों ने णमोकार महामंत्र के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और दायित्वों के निर्वहन की शपथ ली।
पारसमल कांठेड़ ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली, वहीं जितेंद्र सकलेचा ने सचिव पद का कार्यभार ग्रहण किया। दोनों ने ही पूरे समर्पण के साथ अपनी नई भूमिकाओं की शपथ ली।
नव नियुक्त अध्यक्ष पारसमल कांठेड़ ने अपने प्रेरक संबोधन में जोर देकर कहा कि जैन धर्म हमेशा से विश्व में शांति और कल्याण की भावना को प्राथमिकता देता आया है। उन्होंने सभी को याद दिलाया कि णमोकार मंत्र सिर्फ जैन धर्म तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समूचे सनातन धर्म का अभिन्न अंग है। कांठेड़ ने इस मंत्र के निरंतर जाप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे राष्ट्र के उद्धार के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने णमोकार मंत्र को महामंत्र की उपाधि देते हुए इसकी महिमा और प्राचीन परंपरा का बखान किया।
इस गरिमामय कार्यक्रम में मनोहर सिंह लोढ़ा, शंभू लाल बंब, आशा सांभर, बीना चौधरी, शौकीन मूणेत, कोमल गांग, हस्तीमल जैन मंच पर उपस्थित रहे। अतिथियों ने भी अपने संबोधन में णमोकार महामंत्र की असीम शक्ति और महत्व पर प्रकाश डाला। पूरे कार्यक्रम का संचालन राजेश चौधरी ने किया।