नीमच। आरिका शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती। क्रॉस रोड स्कूल उदयपुर की पांचवीं कक्षा की छात्रा आरिका शर्मा ने मात्र 10 वर्ष की उम्र में अपनी पहली किताब मर्मेडरूबोर्न टू बे इरेज़्ड लिखकर और प्रकाशित करवाकर एक अद्भुत उपलब्धि हासिल की है।
आरिका ने अपनी कल्पना की उड़ान से एक ऐसी जलपरी की कहानी गढ़ी है, जो सीधे पाठकों के दिल को छू लेती है। उनकी इस रचना को देश की प्रतिष्ठित प्रकाशन कंपनी ब्रीबुक्स ने प्रकाशित किया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। यह नन्हीं लेखिका भविष्य में भी लेखन के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करने की आकांक्षा रखती है। आज सोमवार को नीमच के ज्ञानोदय इंटरनेशनल स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ आरिका को उनकी इस असाधारण सफलता के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर आरिका के माता-पिता, डॉ. प्रशांत शर्मा और डॉ. नेहा जैन भी उपस्थित थे, जिनकी आँखों में अपनी बेटी की उपलब्धि को लेकर गर्व साफ झलक रहा था।
स्कूल की निदेशिका डॉ. गरिमा चौरसिया और प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने आरिका को बधाई देते हुए कहा कि आरिका ने पूरे स्कूल और शहर का नाम रोशन किया है। उनकी यह सफलता कई बच्चों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। आरिका की कहानी हमें सिखाती है कि यदि सपने देखने की हिम्मत हो, तो उन्हें पूरा करने से कोई नहीं रोक सकता। यह न केवल उनके लिए, बल्कि हर उस बच्चे के लिए एक प्रेरणा है जो कुछ बड़ा करने का ख्वाब देखता है।