BREAKING NEWS
KHABAR : शिक्षा की मुस्कान, पालक संघ ने नौनिहालों.. <<     BIG NEWS : नशामुक्ति का संदेश देकर संपन्न हुई एसपी.. <<     NEWS : श्रावण मास में उज्जैन स्टेशन पर विशेष.. <<     NEWS : 51 कन्या पूजन और संतों के महाप्रसाद के साथ.. <<     NEWS : महाकाल की नगरी को निकले कांवड़ियों का मधुबन.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG REPORT : कुकड़ेश्वर में आवारा सांड और कुत्तों का.. <<     NEWS : सेंती में चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला का.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ कलक्ट्रेट में दिव्यांगजनों के.. <<     BIG NEWS : मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चित्तौड़गढ़.. <<     NEWS : जनसुनवाई में जिला कलक्टर ने सुनी आमजन की.. <<     NEWS : जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों को दिए सफलता.. <<     NEWS : मेवाड़ के लिए सांसद सी.पी. जोशी की बड़ी पहल,.. <<     KHABAR : मुलठान में किसानों-कांग्रेस ने मिलकर.. <<     NEWS : कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग जिला.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रहे राकेश गुर्जर, परिवार में शोक.. <<     KHABAR : गुना के उमरी जंगल में तेंदुए का शिकार,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 3, 2025, 7:24 pm
KHABAR : चंद्रग्रहण के कारण गणेश विसर्जन कार्यक्रम में करें बदलाव, गणपति पांडालों से ब्रह्ममुहूर्त तक जुलूस समाप्त करने का पंडितों ने किया आग्रह, पढ़े खबर

Share On:-

नीमच। भाद्रपद पूर्णिमा के दिन 7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह भारत में भी दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक महत्व और सूतक काल मान्य होगा। जिले में गणेशोत्सव समारोह पारंपरिक रूप से चलने वाले एक भव्य विसर्जन जुलूस के साथ संपन्न होता है। हालाँकि, इस वर्ष यह परंपरा बदलने वाली है। 7 सितंबर, 2025 को होने वाले पूर्ण चंद्रग्रहण के कारण, कुछ गणपति पंडालों ने भी विसर्जन का समय सीमित कर दिया गया है। 

पंचांग के अनुसार साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 07 सितंबर 2025, रविवार को लगेगा. जिसका सूतक काल 09 घंटे पहले दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा. चंद्र ग्रहण की शुरुआत रात को 09:58 बजे होगी और यह अपनी चरम स्थिति में रात्रि 11:00 से 12:22 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण की समाप्ति 08 सितंबर 2025 को पूर्वाह्न 01:26 बजे होगी। ऐसे में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार, 6 सितंबर, 2025 को अनंत चतुर्दशी के पर हो। चूँकि चंद्रग्रहण का सूतक अगले दिन - रविवार को दोपहर 12:37 बजे शुरू हो रहा है, इसलिए गणेश मंडल, जो पारंपरिक रूप से देर रात तक जुलूस निकालते हैं, प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए विध्वान पंडितों ने शास्त्रार्थ यह स्पष्ट रूप से सलाह दी गई है कि सभी विसर्जन जुलूस शनिवार, 6 सितंबर की मध्यरात्रि तक पूरे कर लिए जाएँ।

विद्वान् ज्योतिष सीताराम जी पंडित ने एक संयुक्त अपील में नीमच जिले के सभी गणेश पंडालों से शनिवार, 6 सितंबर की रात 11 -12 बजे तक अपने विसर्जन जुलूस प्रारम्भ कर रविवार 7 सितम्बर सुबह के ब्रह्ममुहरत में 5 बजे पूर्व समाप्त करने का आग्रह किया है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण काल में देवताओं की मूर्तियों को ढक कर रखना चाहिए। इसलिए, विसर्जन पहले ही पूरा कर लेना चाहिए।

इस विषय पर बोलते हुए दशहरा मैदान स्थित गणपति ग्रुप, नीमच के सदस्यों का कहना है की भारत सहित विदेश में भी दिखने वाला एवं इस वर्ष का आख़री पूर्ण चंद्र ग्रहण (लगभग 80 मिनिट का ) पूर्ण चन्द्रग्रहण जो की पूर्ण रूप से लाल दिखाई देगा
तथा उसके दोष से बचने हेतु ग्रुप और विद्वान् ज्योतिष सीताराम जी पंडित के निर्देशानुसार अनंत चतुर्दशी को जगन्नाथ गणेश का रात्रि 1 बजे गणपति बप्पा की विसर्जन शोभा यात्रा दशहरा मैदान से निकल कर नीलकंठ महादेव परिसर की नदी में सूतक से पहले विसर्जन कर दिया जाएगा। जिससे सम्पूर्ण शहर और सभी भक्तो पर बप्पा का आशीर्वाद और कृपा बनी रहे। साथ ही ग्रुप के सभी सदस्यों का कहना है की रात में निकलने वाले इस शोभा यात्रा से अनंत चतुर्दशी की पुरानी परंपरा को जीवित करने की भी एक बड़ी पहल होगी। 
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में गणेश विसर्जन यात्रा व्यवस्थित और शास्त्रीय रीति से संपन्न हो। चूँकि पूर्ण चंद्रग्रहण रविवार को दोपहर 12:37 बजे शुरू होगा, इसलिए यह ज़रूरी है कि सभी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन उस समय से पहले कर दिया जाए।


शुभ कार्य और ग्रहण - 
हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, चंद्र ग्रहण एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसके दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

अशुभ प्रभाव - 
ग्रहण के दौरान स्थापित या बनाई गई मूर्तियों को पूजा के लिए पवित्र नहीं माना जाता है। इसलिए, अगर चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले ही गणेश प्रतिमाएं स्थापित हैं, तो उनका विसर्जन ग्रहण से पहले ही कर देना चाहिए।

तारीख का बदलाव - 
इस साल (2025), 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण होने के कारण गणेश विसर्जन की पारंपरिक 9 दिन की परंपरा नहीं होगी।

सही विधि -  
विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन ही किया जाना चाहिए, लेकिन ग्रहण की तिथि का ध्यान रखते हुए इसे 6 सितंबर 2025 को ही करना सुरक्षित और शुभ रहेगा, क्योंकि ग्रहण 7 सितंबर से शुरू हो रहा है।

याद रखने योग्य बातें - 
गणेश प्रतिमा को विसर्जित करने से पहले उत्तर पूजा (अंतिम पूजा) करें।
गणेश मंत्रों का जाप करें और गणेश जी की आरती करें।
गणेश जी को मोदक, नारियल और फूल अर्पित करें।
मूर्तियों को सम्मान के साथ, लापरवाही से नहीं, बल्कि सुरक्षित तरीके से प्रवाहित करें।

 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE