नीमच। गिरदौड़ा गांव के करीब 25 परिवारों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ड्रोन सर्वे और राजस्व रिकॉर्ड में बड़े फर्जीवाड़े की शिकायत की। ग्रामीणों का आरोप है कि ड्रोन सर्वे के बाद उनकी वर्षों से काबिज भूमि को शासकीय घोषित कर दिया गया, जबकि पटवारी और ग्राम चौकीदार ने पैसे लेकर कई लोगों की शासकीय/खाली भूमि पर पट्टे जारी कर दिए।
ग्रामीणों ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन व नामांतरण में की गई त्रुटियों से उन्हें भविष्य में कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार बताते हुए संबंधित कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रभावित परिवारों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और सभी 25 परिवारों की भूमि का पुनः सर्वे कर गलत प्रविष्टियां निरस्त करने की मांग की है।