चित्तौड़गढ़। निंबाहेड़ा में 3 दिसंबर, बुधवार को संत श्री दिग्विजय रामजी महाराज का 33वाँ जन्मोत्सव एक भव्य धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। “एक शाम गुरुदेव के नाम” शीर्षक से आयोजित यह दिव्य समारोह गुरु-भक्ति, सनातन संस्कृति और अध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम सिद्ध होगा।
गौ सेवा एवं गौ पूजन — प्रातः 10:00 बजे
कल्लाजी विश्वविद्यालय परिसर में प्रातः 10:00 बजे सोनी (माहेश्वरी) परिवार द्वारा “गौ सेवा एवं गौ पूजन” का आयोजन किया जाएगा।
गौ माता की सेवा, पूजन और आशीर्वाद की यह परंपरा सनातन धर्म के आदर्शों एवं सद्भावना के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का पावन प्रयास है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे।
भव्य वाहन रैली एवं नगर प्रवेश — दोपहर 2:00 बजे
जन्मोत्सव महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ दोपहर 2:00 बजे संत श्री के नगर प्रवेश से होगा।
संत दिग्विजय रामजी महाराज का आगमन एक विशाल वाहन रैली के साथ होगा, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़रेगी।
श्रद्धालु पुष्पवर्षा, जयघोष और उत्साह के साथ गुरुदेव का स्वागत करेंगे।
नगर प्रवेश का यह दृश्य निंबाहेड़ा के लिए ऐतिहासिक और अध्यात्म से ओत-प्रोत क्षण बनेगा।
“एक शाम गुरुदेव के नाम” — शाम 7:00 बजे
सायं 7:00 बजे आर.के. कॉलोनी क्षेत्र स्थित सेलिब्रेशन ग्रीन्स में मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ होगा।
इस दिव्य संध्या में संत श्री दिग्विजय रामजी महाराज के आशीर्वचन, आध्यात्मिक प्रवचन एवं गुरु-भक्ति से परिपूर्ण अनुपम वाणी का श्रवण कराया जाएगा।
गुरुदेव की वाणी की दिव्य शक्ति श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और जीवन के सत्य मार्ग की ओर प्रेरित करेगी।
यह अवसर अध्यात्म, भक्ति और समर्पण की अद्भुत अनुभूति प्रदान करेगा।
सनातन धर्म का संदेश — सत्य, प्रेम और शरणागति
जन्मोत्सव महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि सनातन धर्म की अमूल्य शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार का माध्यम भी है।
सत्य, अहिंसा, सेवा, प्रेम और गुरु-शरणागति जैसे मूल सिद्धांत मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं।
संत श्री के उपदेश हमें यह सरल संदेश देते हैं—
“गुरु-भक्ति, आत्म-समर्पण और धर्मपालन ही जीवन का सर्वोत्तम मार्ग है।”
सपरिवार आमंत्रण
निंबाहेड़ा सोनी (माहेश्वरी) परिवार क्षेत्र के सभी श्रद्धालुजनों, नगरवासियों एवं धर्मप्रेमी समाजबंधुओं को इस दिव्य अवसर पर सपरिवार आमंत्रित करता है।
आपकी पावन उपस्थिति महोत्सव की गरिमा को बढ़ाएगी तथा आपके जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति और समृद्धि का संचार करेगी।