उदयपुर/सलूंबर। देवला तहसील के कोटड़ा क्षेत्र में भास्कर संवाददाता रमेश गरासिया को मिली जानलेवा धमकी के बाद पत्रकार जगत में आक्रोश फैल गया है। मेवाड़ प्रेस क्लब वेलफेयर सोसायटी ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बताया कि वे मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन ने सभी पत्रकारों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर एकजुटता दिखाने की अपील की है।
घटना: फोन पर दी गई जान से मारने की धमकी
30 नवंबर 2025 को पत्रकार रमेश गरासिया को कार्यवाहक बीडीओ शंभुराम गरासिया और मैरपुर ग्राम पंचायत के सरपंच पति द्वारा फोन पर धमकी दी गई। आरोपियों द्वारा कहा गया - हमारे खिलाफ खबर लगाई है, तेरे ऊपर गाड़ी चढ़ाकर मार डालेंगे।
इस धमकी के बाद पत्रकार जगत में रोष व्याप्त हो गया। पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता को कमजोर करने वाली है।
मेवाड़ प्रेस क्लब की मांगें
प्रेस क्लब द्वारा ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें रखी जा रही हैं- धमकी देने वाले दोनों व्यक्तियों पर तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। कार्यवाहक बीडीओ शंभुराम गरासिया को तत्काल निलंबित किया जाए।
पत्रकारों ने बताया कि शासन सचिव के आदेशानुसार विकास अधिकारी के रिक्त पद पर सहायक अभियंता को वरीयता दी जानी चाहिए, लेकिन कोटड़ा में सहायक अभियंता मौजूद होने के बावजूद शंभुराम गरासिया ने पद पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
सरपंच पति पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पत्रकार रमेश गरासिया की सरकारी स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मामले की जांच के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच टीम गठित कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
राजस्थान में पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लागू किया जाए।
पत्रकारों का आक्रोश- “यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, पूरी पत्रकारिता पर चोट”
पत्रकारों ने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी अथवा जनप्रतिनिधि द्वारा पत्रकार को जान से मारने की धमकी देना अत्यंत गंभीर अपराध है। यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो यह पूरे मीडिया समुदाय के लिए खतरनाक संदेश होगा।
पत्रकार संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे पर एकजुट हैं और निष्पक्ष पत्रकारिता पर किसी भी प्रकार के दबाव व धमकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।