कंजार्डा। शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय, कंजार्डा का भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में होने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विद्यालय का भवन किसी भी समय बड़ा हादसा पैदा कर सकता है। भवन पर प्रशासन द्वारा जर्जर भवन, दूर रहें की चेतावनी तो चस्पा कर दी गई है, लेकिन मरम्मत या ध्वस्तीकरण के संबंध में अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार विद्यालय परिसर का क्षेत्र पर्याप्त है और यहाँ आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। भवन को गिराकर नए भवन या डोम का निर्माण आसानी से किया जा सकता है। विद्यालय में नाममात्र छात्राएँ हैं, जबकि दो अध्यापक पदस्थ हैं, जिनका वेतन लाखों रुपये सालाना है। ग्रामवासियों का कहना है कि विद्यालय को स्थानीय बालक प्राथमिक विद्यालय में मर्ज करने पर संसाधनों का उचित उपयोग हो सकेगा।
विद्यालय परिसर में रोजाना बच्चे खेलते रहते हैं और लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है, ऐसे में जर्जर भवन गंभीर दुर्घटना को जन्म दे सकता है। शिक्षा विभाग ने भवन को खतरनाक घोषित तो कर दिया है, लेकिन इसके भविष्य को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किए गए। भवन की मरम्मत के लिए शासन स्तर पर भी अभी तक कोई राशि स्वीकृत नहीं हुई है।
चिंता की बात यह है कि इस भवन को बने अभी 12 वर्ष भी नहीं हुए हैं। निर्माण के समय घटिया सामग्री इस्तेमाल होने की शिकायतें उस समय काफी चर्चा में रहीं, लेकिन तत्कालीन जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में दीवारों में बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं और पूरा ढांचा कमजोर हालत में है।
ग्रामीणों ने प्रशासन व शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई कर जर्जर भवन को हटाने तथा विद्यालय के भविष्य को लेकर ठोस निर्णय करने की मांग की है।