नीमच। 69वें परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नीमच बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा और उनके अमूल्य योगदान की स्मृति से गूंज उठा। अजाक्स, नाजी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा मोमबत्तियाँ जलाकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुयायी उपस्थित रहे।
अजाक्स अध्यक्ष यशवंत गोयल ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का भारतीय संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के निर्माण में योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने केवल विश्व-स्तरीय संविधान ही नहीं दिया, बल्कि महिलाओं, दलितों तथा वंचित वर्गों की शिक्षा और अधिकारों के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप आज समाज में व्यापक परिवर्तन संभव हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रहलाद डांगी, रमेश आर्य, रामप्रसाद जाटव, विक्रम परिहार, मदनलाल आर्य, प्रेमचंद कलोसिया, सूरजमल आर्य, बाबूलाल आर्य सहित अनेक कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। मोमबत्तियाँ प्रज्वलित कर सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि बाबा साहब की समता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की विचारधारा को समाज में और अधिक सशक्त और व्यापक बनाया जाएगा।