सरवानिया महाराज। रप्तार के बीच टायर बदल रहे वाहन का कहर जब बना भीषण सड़क हादसा तो शहर के नोजवान पति पत्नी को हमेशा के लिए मौत की निंद सुला दिया। घटना निंबाहेड़ा फोरलेन बायपास की है जंहा एक टायर बदल रहे वाहन से पहले ओमनी वेन की टक्कर हुई और वेन में सवार लोग संभलते इससे पहले ही पिछे से हवा को चिरता आ रही महिन्द्रा की थार गाड़ी ने ओमवी वेन को जोरदार टक्कर मार दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर शुक्रवार की रात्रि में लगभग 10:30 बजे के चित्तौड़गढ़ निंबाहेड़ा फोरलेन बायपास पर माधोसिंह बड़ोली चोराहे के समीप वसुंधरा मल्टी के सामने फोरलेन रोड़ पर खड़े पंचर वाहन का टायर बदल रहे पिकअप वाहन से पहले मारुति ओमनी वेन की ज़ोरदार टक्कर हुई फिर ओमनी वेन को पिछे से थार गाड़ी ने ज़ोरदार टक्कर मार दी जिससे वेन चालक सरवानिया महाराज निवासी लखन पिता सुरेशचंद्र मालू एंव पत्नी सविता मालू का दुःखद निधन हो गया है।
बताते हैं इस तीन वाहनों की भीषण दुर्घटना में मंदसौर निवासी पिंकअप चालक बसंतीलाल पुत्र भेरुलाल की भी मौत हो गई है तथा दो अन्य घायल हो गए । फोरलेन बायपास पर घटना जानकारी लगने पर निंबाहेड़ा कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घायलों को तथा मृतकों को सिविल हॉस्पिटल निंबाहेड़ा पहुंचाया तथा रोड से वाहनों को हटाकर यातायात की आवाज ही चालू की । इस भीषण सड़क हादसे में निंबाहेड़ा फोरलेन बाईपास पर बड़ी संख्या में रात्रि में लोगों का जमावड़ा लग गया।
एक साथ निकली पति-पत्नी की अर्थियां-
एक पति अपनी पत्नी से कह रहा है कि एक वादा था तेरा हर वादे के पीछे, मिलुगी हर गली दरवाजे के पीछे पर तूं क्यों बेवफा निकली एक तू ही नहीं थी मेरी अर्थी के पीछे तब शायद पत्नी पति से कह रही है कि हां मेरा एक वादा था हर वादे के पीछे मिलुगी हर गली दरवाजे के पीछे तुने ही मुड़कर नहीं देखा एक और अर्थी थी तेरी अर्थी के पीछे, जी हां किसी शायर की लिखी यह लाइनें शनिवार को जब पति पत्नी की अर्थियां एक साथ उठी तो अनायास ही लोगों को याद आगई। जब यह पंक्तियां लिखी जा रही थी तब शायर ने ऐसी कल्पना भी नहीं की होगी कि कभी ये पंक्तियां किसी घटना की गवाही देगी। शनिवार सुबह जैसे ही भीषण सड़क हादसे में स्थानीय निवासी लखन मालू एवं पत्नी सविता उर्फ डोली के निधन की खबर शहर में फैली शहर में शोक की लहर दौड़ गई हर कोई इस घटना से स्तब्ध रह गया । घटना की भयावहता को लेकर जगह-जगह चर्चाएं चलने लगी । इस बीच प्रातः 10:00 बजे दोनों मृतकों का निंबाहेड़ा सिविल अस्पताल में शव परीक्षण किया गया उसके बाद एंबुलेंस से दोनों पति पत्नी के शव प्रातः 11:00 बजे सरवानिया महाराज पहुंचे तो सदर बाजार में केवल चित्कारें सुनाई दे रही थी हर किसी की आंखें नम थी। इस दौरान सुबह से ही सदर बाजार स्थित सुरेश चंद्र मालू के निवास पर लोगों का जमावड़ा लग गया था।
प्रातः 11:30 बजे जब दोनों पति-पत्नी को विधि विधान से आगे लखन मालू तथा पीछे पत्नी सविता उर्फ डोली मालू की अर्थियां उठी तो ग़म की चित्कारें गूंजने लगी। शव यात्रा श्री काल भैरव मुक्ति धाम पर पहुंचने पर एक ही चिता पर दोनों पति-पत्नी का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस समय श्री काल भैरव मुक्ति धाम में बड़ी संख्या में माहेश्वरी समाज के लोगों के साथ-साथ शहर वासियों ने ईष्ट मित्रों ने व्यवहारिक लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। माता पिता की चिता को अवयस्क पुत्र सोम्य मालू तथा परिजनों ने मुखाग्नि दी।