नीमच। रेगर समाज की महिला लक्ष्मी द्वारा कथित रूप से जहर सेवन किए जाने के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। इस प्रकरण को लेकर मंगलवार को रेगर समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक किलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में प्रवीण रेगर द्वारा समाज पंचायत पर लगाए गए आरोपों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उपस्थित समाज के पंचों एवं वरिष्ठजनों ने एक स्वर में कहा कि प्रवीण रेगर द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि पंचायत द्वारा न तो महिला का सामाजिक बहिष्कार किया गया है और न ही नौ लाख रुपये का कोई अर्थदंड लगाया गया है।
पंचों ने बताया कि करीब 700 से 800 समाजजनों की उपस्थिति में केवल सामाजिक मर्यादा एवं व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई थी। बैठक में प्रवीण रेगर को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया गया था।
समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि लक्ष्मी का पूर्व में विवाह कमलेश पिता मांगीलाल, निवासी रामपुरा से हुआ था, जिनसे उसके दो छोटे बच्चे हैं। बिना विधिवत तलाक के लक्ष्मी ने प्रवीण रेगर के साथ रहना प्रारंभ कर दिया और दोनों बच्चों को उनके पिता के पास छोड़ दिया।
बैठक के दौरान बच्चों के लालन-पालन और भविष्य को लेकर रेगर समाज पंचायत भादवा माता की बैठक में चर्चा चल रही थी। इसी बीच प्रवीण रेगर बैठक छोड़कर चले गए। पंचों का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने समाज पंचायत पर झूठे आरोप लगाकर उसे बदनाम करने का प्रयास किया, जिससे समाज आहत है।
बैठक के अंत में समाज के वरिष्ठजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि समाज के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रम और गलत तथ्यों को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।