निंबाहेड़ा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ऐश्वर्य विश्वविद्यालय के संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा की 149 वीं जन्म जयंती महोत्सव निंबाहेड़ा सेवा केंद्र पर अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं अलौकिक वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाई-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में निंबाहेड़ा सेवा केंद्र प्रभारी बी.के. शिवली दीदी ने पिताश्री ब्रह्मा बाबा के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म हैदराबाद (सिंध) में एक सिंधी कृपलानी परिवार में हुआ। बाल्यकाल से ही वे भक्ति, दान और धर्म के कार्यों में अग्रणी रहे। वर्ष 1936 में परमपिता परमात्मा शिव ने उन्हें अपना साकार माध्यम बनाकर एक स्वर्णिम संसार की स्थापना का महान दायित्व उनके कंधों पर रखा, जिसे पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने पूर्ण आज्ञाकारिता, ईमानदारी और समर्पण भाव से निभाया।
उन्होंने बताया कि पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने अपना तन, मन और धन पूर्णतः ईश्वरीय सेवा में अर्पित कर एक छोटे से संगठन को विशाल वटवृक्ष के रूप में विकसित किया, जिसका स्वरूप आज संपूर्ण विश्व देख रहा है। आज यह संस्था भारत सहित विश्व के 140 से अधिक देशों में निरूशुल्क आध्यात्मिक सेवाएँ प्रदान कर रही है। अपनी वृद्धावस्था में भी ब्रह्मा बाबा ने अथक परिश्रम करते हुए सभी का पालन-पोषण किया और परमात्मा शिव उनके तन के माध्यम से दिव्य कार्य संपन्न कराते रहे।
शिवली दीदी ने बताया कि पिता श्री ब्रह्माबाबा ने अपनी भौतिक देह 18 जनवरी 1969 में त्याग एक अव्यक्त फरिश्ता रूप धारण किया और आज भी पिता श्री हम सभी ब्रह्मा वत्सो की अलौकिक रीति से पालना कर रहे हे
कार्यक्रम के अंत में परमपिता परमात्मा शिव को भोग अर्पित कर पिताश्री ब्रह्मा बाबा की स्मृति में सभी को प्रसाद वितरित किया गया। उपस्थित सभी भाई-बहनों ने पिताश्री ब्रह्मा बाबा के समान बनने एवं उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।