मनासा। रामस्नेही संप्रदाय के युवा संत चेतन राम जी की प्रेरणा से 65वें सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन सांवलिया मित्र मंडल के सौजन्य से धनगर पुरबिया मोहल्ले में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सनातनी श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा वातावरण हनुमान भक्ति से सराबोर हो गया।
सत्संग की शुरुआत सांवलिया मित्र मंडल धनगर पुरबिया मोहल्ला के सदस्यों द्वारा हनुमान जी की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसके पश्चात सनातन सत्संग मंडल के सदस्यों द्वारा भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई।
भजनों की शुरुआत राजकुमार मारू के भजन “इतनी शक्ति देना दाता, मन का विश्वास कमजोर न होना…” से हुई। इसके बाद सत्यनारायण सोनी ने “राम पर जब-जब विपदा आई, कौन बना ने वाला मेरा बजरंग बाला…” भजन से भक्तों को भावविभोर कर दिया। कमलेश विजयवर्गीय ने “हेलो सुन जे रे म्हारा रूप चतुर्भुज वारा रे…” भजन प्रस्तुत किया। विजय उपाध्याय ने “एक बार आओ जी आंगन में म्हारे, पधारो म्हारा बाला जी…” भजन से वातावरण में भक्ति का संचार किया।
गोपाल राठौर ने चारभुजा भगवान की सुंदर लावणी प्रस्तुत कर आराधना की, वहीं हेमंत ग्रोवर ने “की बाह पकड़े ले संवरा, कहीं छूट ना जाए…” भजन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अरुण झंवर ने “लहर-लहर लहराए झंडा बजरंग बली का…” भजन से हनुमान ध्वज की महिमा का वर्णन किया। ओम सोनी ने “क्यों नहीं आयो रे सांवरिया जी सेठ…” भजन से श्रद्धालुओं को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया।
सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ को राजकुमार मारू ने स्वर देकर 65वें पाठ को विशेष स्वरूप प्रदान किया। अर्पित शर्मा ने भी बालाजी के दरबार में अपनी भक्ति भरी प्रस्तुति दी। सत्संग का समापन “अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में…” भजन के साथ किया गया।
आयोजकों ने बताया कि 66वां सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ रामस्नेही संप्रदाय के युवा संत चेतन राम जी के सानिध्य में द्वारकापुरी धर्मशाला में आयोजित होने वाली भागवत कथा के दौरान मंगलवार को किया जाएगा।