नीमच। मंदिरों की नगरी में धर्म, आध्यात्म और सत्संग की सतत प्रवाहित धारा सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ के माध्यम से निरंतर सशक्त रूप से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में 65वां सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ माताजी चौक, पुरबिया मोहल्ला में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में सनातन परिवारों की सहभागिता रही।
यह आयोजन श्री सांवलिया मित्र मंडल के तत्वावधान में, अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय शाहपुरा के विद्वान संत, रामराष्ट्र के प्रबल प्रवक्ता एवं तेजस्वी युवा संत श्री चेतनराम जी की प्रेरणा से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। सत्संग का शुभारंभ मंडल के सत्यनारायण सोनी, राजेश सराह, घीसालाल बैरागी, रतन पाल, गुल्लू सराह, दीपक कछावा, विष्णु पंवार, प्रहलाद कछावा, प्रकाश हाड़ा, पंकज कछावा, सत्यनारायण पाल, टीकू पाल, पप्पू कछावा, तुलसीराम पाल, बबलु हाड़ा एवं प्रकाश देपुरा द्वारा श्रीहनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
सत्संग में भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भक्ति रचनाएं प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सत्यनारायण सोनी ने “राम पर जब-जब विपदा आई” भजन से श्रीहनुमान जी के पराक्रम का वर्णन किया। कमल विजयवर्गीय ने मालवा-मेवाड़ की प्रसिद्ध लावणी “हेलो हु जे रे म्हारा रूप चतुरभुज वाला रे” प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। राजकुमार मारू ने “इतनी शक्ति हमें देना दाता” भजन से ईश्वर की महिमा का गुणगान किया।
वहीं विजय उपाध्याय ने “एक बार पधारो हनुमान म्हारे आंगणे” भजन से बजरंगबली का आह्वान किया। गोपाल राठौर ने जन-जन की लोकप्रिय लावणी “श्री चारभुजा का नाथ जोड़ूं दोनों हाथ” प्रस्तुत कर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अतिरिक्त हरिश ग्रोवर, अरुण झंवर एवं ओम सोनी ने भी भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में सनातन सत्संग मंडल की ओर से भावपूर्ण आयोजन के लिए श्री सांवलिया मित्र मंडल एवं समस्त सनातन परिवारों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
आयोजकों ने जानकारी दी कि 66वां सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ आगामी 23 दिसंबर, मंगलवार को रात्रि 8 बजे, श्री द्वारिकापुरी में रामस्नेही संत श्री चेतनराम जी के सानिध्य में आयोजित किया जाएगा। समस्त श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया गया।