निंबाहेड़ा। ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह के 814वें उर्स मुबारक के मौके पर निंबाहेड़ा में अकीदत, मोहब्बत और भाईचारे का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। अंजुमन सदर शोएब लाला एवं अनीस लाला की जानिब से शुक्रवार, 19 दिसंबर को घोड़ादेह बाबा दरगाह पर जश्ने गरीब नवाज़ का शानदार आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस मौके पर समाजसेवा और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए ₹6 प्रति जोड़े में 11 जोड़ों का इज्जतेमाई निकाह सम्मेलन संपन्न कराया गया। यह आयोजन खास तौर पर जरूरतमंद बच्चियों के लिए रखा गया, जिसमें किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली गई और नवविवाहित जोड़ों को केवल दुआओं से नवाज़ा गया।
कार्यक्रम के बाद नमाज़े जुम्मा अदा की गई, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। नमाज़ के पश्चात आध्यात्मिक माहौल को और भी रूहानी बनाने के लिए मशहूर साबरी कव्वाल रईस अनीस साबरी बतौर मेहमान-ए-खुसूसी तशरीफ लाए। उनके साथ सदाकत साबरी, कपासन ने भी अपने बेहतरीन और दिल को छू लेने वाले कलाम पेश किए। साबरी कव्वाली की गूंज से पूरा दरगाह परिसर सूफियाना रंग में रंग गया और अकीदतमंद झूम उठे।
इस पावन अवसर पर घोड़ादेह बाबा दरगाह पर आम लंगर का भी विशेष इंतजाम किया गया, जिसमें सभी धर्मों और वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर लंगर ग्रहण किया। यह आयोजन गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे की सशक्त मिसाल बनकर सामने आया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए शोएब लाला ने बताया कि हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल अनीस साबरी की शिरकत इस आयोजन की खास पहचान रही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह इज्जतेमाई निकाह सम्मेलन पूरी तरह से सेवा भाव से आयोजित किया गया, जिसमें बच्चियों और उनके परिवारों से कोई शुल्क नहीं लिया गया, बल्कि उन्हें दुआओं और सम्मान के साथ विदा किया गया।
पूरे आयोजन के दौरान दरगाह परिसर में अमन, शांति और मोहब्बत का पैगाम गूंजता रहा। ख्वाजा गरीब नवाज़ के उर्स के मौके पर आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज को एकता, सहयोग और इंसानियत का मजबूत संदेश भी दे गया।