मंडफिया। विश्व प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में एक बार फिर श्रद्धालु के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंदिर में तैनात निजी सुरक्षा कंपनी टाइगर फोर्स के एक गार्ड ने श्रद्धालु की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी नाक और पैर से खून बहने लगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के नीमच जिले के कुकड़ेश्वर निवासी प्रियांशु मालवीय रविवार रात मंदिर परिसर के कॉरिडोर में फोटो-वीडियो ले रहे थे। इसी दौरान उनका सुरक्षा गार्ड से विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।

पीड़ित प्रियांशु ने बताया कि वह कॉरिडोर में लगी जाली से हाथ बाहर निकालकर मंदिर परिसर की तस्वीर ले रहे थे। इसी दौरान टाइगर फोर्स का एक गार्ड अचानक भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। शांति से बात करने का आग्रह करने पर गार्ड ने धमकाना शुरू कर दिया। जब प्रियांशु ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया तो गार्ड ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया।

आरोप है कि इसके बाद सुरक्षा गार्ड प्रियांशु को सीसीटीवी कैमरों से दूर ले गए और वहां उसकी जमकर पिटाई की। मारपीट इतनी गंभीर थी कि उसकी नाक और पैर से खून बहने लगा। पीड़ित का आरोप है कि खून फर्श पर फैलने के बाद गार्डों ने उसी के रूमाल से खून साफ करवाया और मोबाइल में मौजूद फोटो व वीडियो जबरन डिलीट करा दिए। बाद में एम्बुलेंस बुलाकर उसे इलाज के लिए भेजा गया।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान मंदिर कार्यालय के बाहर काफी देर तक हंगामा चलता रहा, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नहीं संभाली। बाद में मंदिर कार्यालय में बैठाकर समझौते का दबाव भी बनाया गया।उल्लेखनीय है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 25 जून, अमावस्या के दिन भी टाइगर फोर्स के सुरक्षा गार्डों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का मामला सामने आ चुका है।

घटना की सूचना पर मंडफिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उसकी लिखित शिकायत लेने से मना कर दिया। वहीं मंडफिया थानाधिकारी गोकुल डांगी का कहना है कि जांच के दौरान संबंधित सुरक्षा गार्ड मौके पर मौजूद नहीं था और उसका नाम भी सामने नहीं आया। मंदिर मंडल की ओर से दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया गया है और दोनों पक्षों की गलती बताई गई है। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और निजी सुरक्षा गार्डों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
