नीमच। सिंहल परिवार नीमच के तत्वाधान में वृंदावन धाम मथुरा के प्रख्यात श्री मद्भागवत उपासक श्रीजी बाबा महाराज के सुपुत्र ब्रज विभुषित श्रीमद् भागवत आचार्य संत श्री रमाकांत जी गोस्वामी के श्री मुख से श्रीमद् भागवत की ज्ञान गंगा 22 से 28 दिसम्बर तक प्रतिदिन दोपहर 2 से 6 बजे तक कमल अग्रसेन भवन सभागार में आयोजित की जाएगी। भागवत कथा का शुभारंभ 22 दिसंबर को अमृत कलश यात्रा से हुआ। श्रीमद् भागवत का शुभारंभ के लिए श्रीमद् भागवत पोथीजी का पूजन नया बाजार स्थित नरसिंह मंदिर में किया। आरती के पश्चात अमृत कलश यात्रा नरसिंह मंदिर से प्रारंभ हुई जो घंटाघर गोपाल मंदिर अग्रसेन वाटिका होते हुए चौकन्ना बालाजी स्थित कमल अग्रसेन भवन में पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान आरती कार्यक्रम में परिवर्तित हो गई। कलश यात्रा में सबसे आगे बैंड बाजा पर श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा पर आधारित भजनों की स्वर लहरिया भी कर रही थी बग्गी में महाराज श्री विराजित थे। श्रद्धालु भक्त श्रीमद् भागवत पोथी सिरोधार्य कर चल रहे थे। महिलाएं मंगल कलश सिरोधार्य करते हुए चल रही थी।
तत्पश्चात दोपहर 2 बजे भागवत के महात्म्य पर भागवत आचार्य रमाकांत गोस्वामी जी अमृत ज्ञान गंगा प्रवाहित हुई। जिसमें आचार्य श्री ने कहा की भागवत मुक्ति का कल्पवृक्ष है। भागवत जीवन जीने की कला सिखाती है। जीवन की सभी समस्याओं के प्रश्नों के उत्तर भागवत में मिल जाते हैं। भागवत श्रवण करने से आत्म कल्याण का मार्ग मिलता है और आत्म शांति मिलती है।