चित्तौड़गढ़। आयुष विभाग के तत्वावधान में आयोजित संभाग स्तरीय आरोग्य मेले में जनस्वास्थ्य के प्रति आमजन का उत्साह देखने योग्य है। स्वास्थ्य संवर्धन एवं रोग निवारण के उद्देश्य से आयोजित इस मेले में बड़ी संख्या में नागरिक भाग लेकर आयुर्वेद सहित विभिन्न आयुष पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
मेले के सहायक नोडल प्रभारी डॉ. तरुण कुमार प्रमाणिक ने बताया कि अब तक बहिरंग विभाग में 975 रोगियों ने उपचार सेवाओं का लाभ लिया है। मेले में आयोजित औषधीय पादप प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन को विभिन्न औषधीय पौधों की पहचान, उनके उपयोग और महत्व की जानकारी दी जा रही है।
मेले में प्रतिदिन विषय विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका लाभ पूरे संभाग से आए चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ एवं आमजन उठा रहे हैं। गैर-संचारी रोगों जैसे मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की निःशुल्क स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे रोगों की समय पर पहचान एवं रोकथाम संभव हो सकी है।
इसके साथ ही आयुर्वेद की विशिष्ट उपचार पद्धतियाँ जैसे पंचकर्म, अग्निकर्म, जलौका एवं अल्प रक्त मोक्षण विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेले में आयुर्वेदिक सौंदर्य प्रसाधनों का प्रदर्शन एवं जानकारी देने के साथ रोगानुसार क्वाथ का वितरण भी किया जा रहा है।
बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित स्वर्ण प्राशन संस्कार में अब तक 1850 बच्चों ने लाभ प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त आयुर्वेद के साथ-साथ होम्योपैथी, यूनानी, योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं न्यूरोथेरेपी जैसी विभिन्न आयुष पद्धतियों के माध्यम से भी लोगों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
अब तक मेले में गैर-संचारी रोग स्क्रीनिंग से 151, प्रकृति परीक्षण से 160, आयुर्वेदिक सौंदर्य प्रसाधन सेवाओं से 72, न्यूरोथेरेपी से 106 तथा पंचकर्म उपचार से 42 व्यक्ति लाभान्वित हो चुके हैं। आयुष आधारित यह संभाग स्तरीय आरोग्य मेला आमजन के भरपूर सहयोग से जनस्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आया है।