नीमच। सिख धर्म के दशम गुरु एवं खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह जी का 360वां प्रकाश पर्व नीमच में अपार श्रद्धा, उत्साह, आस्था और भव्यता के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर निकले भव्य नगर कीर्तन ने संपूर्ण नगर को गुरबाणी, शबद कीर्तन और “वाहेगुरु” के जयकारों से गुंजायमान कर दिया।
प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में प्रातः श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ हुआ, जिसके पश्चात हजूरी रागी जत्था द्वारा भावपूर्ण शबद कीर्तन प्रस्तुत किया गया। इसके बाद प्रातः 11 बजे नगर कीर्तन नपा कार्यालय के सामने स्थित गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ होकर लायंस पार्क, गांधी भवन, टैगोर मार्ग, कमल चौक, फव्वारा चौक, बारादरी, घंटाघर एवं नया बाजार सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर संपन्न हुआ।
नगर कीर्तन में पारंपरिक वेशभूषा में सजे पंच प्यारे, हाथों में निशान साहिब लिए संगत की अनुशासित सहभागिता श्रद्धा का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रही थी। पालकी साहिब की भव्य झांकी, फौज-ए-खालसा (पंजाब) एवं वीर खालसा तरनतारन की गतका पार्टियों द्वारा प्रस्तुत हैरतअंगेज शौर्य प्रदर्शन तथा फतेह बैंड भटिंडा (पंजाब) की धार्मिक धुनें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन प्रस्तुतियों ने गुरु गोविंद सिंह जी के त्याग, साहस और खालसा परंपरा के संदेश को जीवंत कर दिया।
नगर कीर्तन का मार्ग में अरुल अशोक अरोरा गंगानगर सहित विभिन्न संगठनों और समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। संगत के लिए शीतल जल, प्रसाद एवं गुरु का लंगर की उत्तम व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन में उत्सव, अनुशासन और भाईचारे का अनुपम उदाहरण देखने को मिला।
सिख समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रभात फेरियों से प्रारंभ हुए प्रकाश पर्व के कार्यक्रमों का समापन नगर कीर्तन के साथ हुआ, जबकि 27 दिसंबर को विशेष दीवान, शबद कीर्तन, गुरु का अटूट लंगर एवं आतिशबाजी के साथ प्रकाश पर्व का विधिवत समापन किया जाएगा। प्रकाश पर्व का यह आयोजन नीमच में धार्मिक सौहार्द, सामाजिक एकता एवं खालसा परंपरा की गौरवशाली विरासत को प्रतिबिंबित करता हुआ अविस्मरणीय बन गया।