नीमच। जब-जब धरती पर राक्षसों और अधर्म का अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर उसका विनाश करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। यह विचार वृंदावन धाम मथुरा के प्रख्यात श्रीमद् भागवत उपासक श्रीजी बाबा महाराज के सुपुत्र, बृज विभूषित श्रीमद् भागवत आचार्य संत श्री रमाकांत गोस्वामी जी महाराज ने व्यक्त किए। वे सिंहल परिवार द्वारा कमल अग्रसेन भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में प्रवचन दे रहे थे।
महाराज श्री ने कहा कि भगवान का नाम सत्यनारायण है, इसलिए मनुष्य को सदैव सत्य का पालन करना चाहिए। सत्य की हमेशा विजय होती है, जबकि असत्य पराजित होता है। सत्य बोलने वाला व्यक्ति परेशान हो सकता है, पर कभी पराजित नहीं होता। सत्य के मार्ग पर चलने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीना चाहिए। जो व्यक्ति दूसरों पर अत्यधिक निर्भर रहता है, वह दुखी रहता है। सादा जीवन और उच्च विचार अपनाने वाला व्यक्ति सदैव सफल रहता है। कठोर अनुशासन जीवन की सफलता की कुंजी है।
महाराज श्री ने कहा कि होटल में भोजन करने से पवित्रता भंग होती है, अतः इससे बचना चाहिए। समाज और राष्ट्र की रक्षा के लिए हमें स्वयं को बलवान बनाना होगा और अधर्म व अत्याचार का डटकर सामना करना होगा। उन्होंने राष्ट्र सुरक्षा और सामाजिक चिंतन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि हर घर में गीता, रामायण और भागवत का वाचन होना चाहिए, जिससे बच्चों में धार्मिक संस्कार सुरक्षित रह सकें। जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ जैसे अवसरों पर श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा पुस्तक का वितरण करना चाहिए। साथ ही अहिल्याबाई होलकर द्वारा किए गए धार्मिक और विकास कार्यों का भी स्मरण किया।
कृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा से मनाया गया-
कथा के दौरान जब महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया, तो पंडाल भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बालकृष्ण पर पुष्पवर्षा की। 9 माह की बालिका शारवी, पुत्री वैशाली एवं अनिमेष सिंहल को बालकृष्ण के रूप में सजाया गया। नंद बाबा की भूमिका मुकेश पार्टनर ने निभाई।
वामन अवतार बना आकर्षण का केंद्र-
वामन अवतार प्रसंग के दौरान 8 वर्षीय बालिका शिया, पुत्री साक्षी एवं यश सिंहल ने वामन अवतार के रूप में मंच पर प्रवेश किया, जिसे देखकर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर पूजा-अर्चना की।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित-
श्रीमद् भागवत कथा की आरती में कमल अग्रसेन भवन समिति अध्यक्ष शिवनारायण गर्ग, वरिष्ठ पत्रकार आर.वी. गोयल, अरुण गोयल, जितेंद्र गर्ग, अशोक मंगल, कर्मकांड विप्र परिषद के राधेश्याम शर्मा, पं. लक्ष्मण शर्मा, गोटू महाराज, राकेश शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा में महिलाएं एवं पुरुष पीले परिधान में सहभागी बने।
श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा का आयोजन प्रतिदिन 22 से 28 दिसंबर तक दोपहर 2 से 6 बजे तक किया जा रहा है।