नयागांव। नीमच से नयागांव की ओर जाने वाले जावरा-नयागांव फोरलेन मार्ग पर स्थित नयागांव ओवरब्रिज पर लगाए गए ट्रैफिक स्टेपर (स्पीड ब्रेकर स्टेपर) इन दिनों दुर्घटनाओं का कारण बनते जा रहे हैं। स्टेपर पर रेडियम या रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण रात के समय वाहन चालकों को ये दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ओवरब्रिज पर पहले स्थायी स्पीड ब्रेकर बने हुए थे, जिन्हें फोरलेन रिपेयरिंग कार्य के दौरान हटा दिया गया। इसके बाद दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी होने लगी, जिसे देखते हुए नयागांव पुलिस चौकी द्वारा अस्थायी ट्रैफिक स्टेपर लगाए गए। यह स्थान अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि ओवरब्रिज से उतरते ही पुलिस चौकी, अस्पताल, जावद रोड रेलवे स्टेशन, बामनबर्डी, खदान चेनपुरा सहित 10 से 12 गांवों की आवाजाही इसी मार्ग से होती है।
पूर्व में लगाए गए स्टेपर पर रेडियम होने से वाहन की हेडलाइट में वे स्पष्ट दिखाई देते थे, लेकिन वर्तमान में चौकी प्रभारी मंगलसिंह राठौर के कार्यभार संभालने के बाद इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। परिणामस्वरूप अन्य स्टाफ भी लापरवाह बना हुआ है। दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विशेष रूप से चारपहिया वाहन रात में स्टेपर से टकरा रहे हैं। हालांकि अब तक ईश्वर की कृपा से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है।
दुर्घटना के बाद कई बार स्टेपर सड़क के बीचोंबीच पड़े रहते हैं, जिन्हें समय पर नहीं हटाया जाता। इससे अन्य वाहनों के लिए जोखिम और बढ़ जाता है। मजबूरी में राहगीर स्वयं इन्हें सड़क किनारे करते हैं। लोगों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
इधर जावरादृनयागांव फोरलेन पर हाईवे पेट्रोलिंग भी होती है, लेकिन उनके द्वारा भी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं टोल कंपनी द्वारा भी कोई चेतावनी संकेत बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जो दुर्घटनाओं का एक और बड़ा कारण बन रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि ट्रैफिक स्टेपर पर तत्काल रेडियम/रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, नियमित रात्रि गश्त के दौरान उनकी स्थिति की जांच हो तथा चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए जाएं, ताकि समय रहते किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।