नीमच। शहर के टाउन हॉल नीमच में रविवार को राष्ट्र संत ललित प्रभ सागर जी महाराज के सान्निध्य में “घर को स्वर्ग कैसे बनाएं” विषय पर दिव्य एवं प्रेरक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पारिवारिक एकता, संस्कार और सद्भाव से जुड़े जीवनोपयोगी सूत्रों को आत्मसात किया।
अपने उद्बोधन में महाराज ने कहा कि घर में प्रेम, हंसी-खुशी और आपसी सम्मान का वातावरण ही उसे स्वर्ग बनाता है। घर को मंदिर मानते हुए माता-पिता को उस मंदिर की पावन मूर्ति समझकर सम्मान देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग परिवार और समाज को जोड़ते हैं, वही सिरमौर बनते हैं, जबकि तोड़ने वाले स्वयं गिर जाते हैं।
महाराज ने परिवारों में बढ़ते कलह और अहंकार को विघटन का कारण बताते हुए छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचने की सीख दी। उन्होंने मार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि पहले मकान छोटे और परिवार बड़े होते थे, आज मकान बड़े और परिवार छोटे हो गए हैं यह बदलाव चिंतनीय है।
उन्होंने कहा कि भाई संपत्ति बांटने के लिए नहीं, बल्कि विपत्ति बांटने के लिए होते हैं। व्यक्ति की भूमिका आग लगाने वाली नहीं, बाग लगाने वाली होनी चाहिए। पत्नी को ईश्वर का उपहार और माता-पिता को ईश्वर का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि जिस घर में बुजुर्ग मुस्कुराते हैं, वहीं भगवान का वास होता है।
सत्संग के अंत में महाराज ने आह्वान किया कि हर व्यक्ति ऐसा आचरण करे जिससे उसका घर लक्ष्मी का धाम और स्वर्ग समान बन सके। श्रद्धालुओं ने सत्संग को अत्यंत प्रेरक और जीवनोपयोगी बताया।
इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर भीड़भंजन पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट श्री संघ द्वारा महाराज से वर्ष 2027 में नीमच में चातुर्मास हेतु अनुरोध किया गया। कार्यक्रम में सीक्रेट ऑफ हैप्पीनेस कैलेंडर एवं नई सोच नई उड़ान पुस्तक का वितरण भी किया गया।