मनासा। गत 76 सप्ताह से प्रत्येक मंगलवार को आयोजित हो रहे सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। इस आयोजन में आने वाला प्रत्येक भक्त पूरे समय प्रभु नाम संकीर्तन और स्मरण में लीन होकर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास करता है। उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच सामाजिक समरसता और सनातन एकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
सामाजिक समरसता, सनातन एकता, धर्म जागरण एवं जीवन में संस्कार भाव जागृत करने के उद्देश्य से 76वां सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ रावत मीणा समाज के श्री चारभुजानाथजी मंदिर एवं श्री शीतला माता मंदिर प्रांगण में आयोजित किया गया। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के युवा विद्वान एवं भागवताचार्य संत श्री चेतनराम जी की प्रेरणा से संपन्न हुआ, जिसमें हजारों सनातन परिवारों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में रावत मीणा समाज मनासा के अध्यक्ष बापूलाल रावत सहित राधेश्याम रावत, कारूलाल रावत, भरत रावत, पवन रावत, मंगल रावत, मनोहर रावत, किशन रावत, विष्णु रावत, जगदीश रावत और सिद्धार्थ रावत ने श्रीहनुमानजी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया।
सत्संग के दौरान भजन गायकों ने अपने सुमधुर भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। राजकुमार मारु ने “मेरा बाबा मेरे साथ है तो मुझे किस बात की कमी है” भजन प्रस्तुत कर आस्था व्यक्त की। श्याम चौधरी ने “थारी जय हो पवन कुमार, मैं वारी जाऊं बालाजी” से गुणगान किया। कमल विजयवर्गीय ने “मांगू जो तो हगरो दिजो, जाड़ूं दोनों हाथ” भजन से श्री चारभुजाजी से प्रार्थना की। विजय उपाध्याय ने “कुछ याद करो अपना पवनसुत वो बालपन” भजन से जोशपूर्ण प्रस्तुति दी।
अर्पित शर्मा ने “पांवां में झांझर बाजणी” भजन से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। गोपाल राठौर ने मालवा-मेवाड़ क्षेत्र की प्रसिद्ध लावणी “हेलो हुणजे रे मारा रूप चतुरभुज भाला वारा रे” प्रस्तुत की, जिस पर पांडाल में भक्तजन भावविभोर होकर नृत्य करने लगे। ओम सोनी ने “श्रीराम जी की सेना चली” भजन से पूरे वातावरण में उत्साह का संचार किया।
अंत में सनातन सत्संग मंडल द्वारा सभी श्रद्धालुओं एवं आयोजन में सहयोग देने वाले रावत मीणा समाज के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही आगामी 10 मार्च, मंगलवार को रात्रि 8:30 बजे श्री रामेश्वरम कॉलोनी में आयोजित होने वाले 77वें सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ में सपरिवार उपस्थित रहने का आग्रह किया गया।