चित्तौड़गढ़। समीपवर्ती जिले की एक वृद्ध एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला जस्सूबाला के साथ हुई गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सफल इलाज चित्तौड़गढ़ के एमपी बिरला हॉस्पिटल में संभव हो पाया। जानकारी के अनुसार, जस्सूबाला को अचानक CVA स्ट्रोक (लकवा) आया, जिसके कारण वह गिर गईं और उनके दाहिने कूल्हे में फ्रैक्चर हो गया।
मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण परिजनों को करीब 15 दिनों तक उनकी तकलीफ का सही अंदाजा नहीं हो सका। जब स्थिति गंभीर समझ में आई, तब परिजन उन्हें तुरंत चित्तौड़गढ़ स्थित एमपी बिरला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. कार्तिक शर्मा को दिखाया गया।
डॉ. शर्मा ने आवश्यक जांच के बाद बताया कि मरीज के कूल्हे का ऑपरेशन करना जरूरी है, लेकिन साथ में CVA स्ट्रोक होने के कारण यह सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण होगी। परिजनों की सहमति मिलने के बाद पहले मरीज को भर्ती कर उनकी स्थिति स्थिर की गई और स्ट्रोक का उपचार शुरू किया गया।
स्थिति नियंत्रित होने के बाद डॉ. शर्मा और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक कूल्हे का ऑपरेशन किया। खास बात यह रही कि ऑपरेशन के मात्र 2 दिन बाद ही मरीज चलने-फिरने में सक्षम हो गई।
डॉ. शर्मा ने बताया कि वृद्धावस्था में गिरने से कूल्हे का फ्रैक्चर होना सामान्य है, लेकिन स्ट्रोक के साथ इस प्रकार का ऑपरेशन करना जटिल होता है। समय पर इलाज और सही देखभाल से मरीज को नया जीवन मिला है।