उज्जैन। वैशाख शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर रविवार तड़के बाबा महाकाल के दरबार में आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। भस्म आरती से पूर्व, पुजारियों ने मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकालेश्वर का दूध, दही और घी के साथ विशेष रूप से आम के ताजे रस से अभिषेक किया।
अभिषेक के पश्चात, बाबा महाकाल का भांग और मस्तक पर चांदी के शेषनाग के साथ अत्यंत मनमोहक श्रृंगार किया गया। महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म अर्पित करते ही पूरा गर्भगृह दिव्य आभा से भर उठा। शंखनाद और डमरूओं की गूँज के बीच हजारों भक्तों ने निराकार से साकार हुए महाकाल के इस अद्भुत रूप के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।