नीमच। करीब तीन दशक तक नीमच की सक्रिय राजनीति और जनसेवा से जुड़े रहे पूर्व पार्षद जगदीश बोरीवाल ‘नेताजी’ की अंतिम यात्रा में उनके प्रति लोगों का स्नेह और जन जुड़ाव नजर आया। उनकी अंतिम यात्रा में समाजजन, इष्ट-मित्रों के साथ कांग्रेस एवं भाजपा के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जगदीश बोरीवाल तीन बार कांग्रेस के टिकट पर और दो बार निर्दलीय पार्षद रहे। वार्डवासियों के बीच उनका सीधा संपर्क और आत्मीय व्यवहार उनकी राजनीतिक पहचान बना रहा। चुनावी परिस्थितियों और राजनीतिक विरोध के बावजूद उन्होंने कई बार जनता का विश्वास हासिल कर नगर परिषद तक पहुंच बनाई। उनका सहज, सरल और मिलनसार स्वभाव ही उन्हें लोगों के बीच ‘नेताजी’ के नाम से अलग पहचान दिलाता था।
तिरंगा लेकर कांग्रेस सेवादल ने की अगुवाई-
अंतिम यात्रा में कांग्रेस सेवादल ने तिरंगा लेकर अगुवाई की। मुक्तिधाम पर सलामी परेड के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को कांग्रेस के झंडे में लपेटकर अंतिम विदाई दी गई।
जगदीश बोरीवाल की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ उनके लंबे राजनीतिक सफर और जनता से बने आत्मीय संबंधों की झलक दिखाती रही। राजनीतिक मतभेदों से परे जनसेवा के कारण उन्होंने विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
तीन दशक की सक्रिय राजनीति और पांच बार पार्षद रहने का उनका सफर भले ही समाप्त हो गया, लेकिन वार्डवासियों के बीच बनाई उनकी पहचान और जनसेवा से जुड़ी स्मृतियां लंबे समय तक लोगों के बीच बनी रहेंगी।