कसरावद। इन दिनों कसरावद के अति व्यस्ततम दोगावां-पीपलगोन मार्ग पर पूरी तरह सटीक बैठ रहा है। इस मार्ग पर सरपट दौड़ते बेलगाम वाहनों और तीन जानलेवा मोड़ों के कारण रोजाना राहगीर और किसान हादसों का शिकार हो रहे हैं।
हाल ही में ओंकारेश्वर दर्शन करने जा रहे बाइक सवार पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को एक तेज रफ्तार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। कसरावद से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित खतरनाक मोड़ों के कारण वाहन चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
खेती-किसानी पड़ी जोखिम में, किसान सहमे
इस व्यस्त मार्ग पर स्थानीय किसानों की रोजाना खेतों में आवाजाही रहती है। रफ्तार के इस कहर से किसान खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
किसान महेंद्र पाचोटिया ने बताया कि दो दिन पहले ही वे एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं।
पाटीदार समाज के तहसील अध्यक्ष व किसान राजेंद्र बागा के अनुसार, शासकीय नर्सरी से मोगावा फाटा और नहर की खड़ी ढलान के पास लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। बाईपास के पहले और बाद में नाग मंदिर तक तीन ऐसे खतरनाक यू-टर्न हैं, जहां आमने-सामने से आ रहे वाहन दिखाई ही नहीं देते। कटिली झाड़ियाँ भी परेशानी बढा रही है।
स्थानीय किसान सुरेश पाटीदार, काजू पाटीदार, दीपक मुकाती, रितेश ठाकुर, नितिन पाचोटिया, अमर पाटीदार, प्रवीण अंबेवाला, सुरेंद्र पाटीदार, संजय अंबेवाला, दीपक रेवासिया, संजय रेवासिया और दिलीप पाटीदार ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि ) से मांग की है कि इन अंधे मोड़ों को सीधा किया जाए ताकि हादसे रुक सकें।
मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचेगी आवाज, आंदोलन की तैयारी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि लोक निर्माण विभाग ने शीघ्र ही इस मार्ग को दुरुस्त नहीं कराया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। आगामी मंगलवार को जनसुनवाई में प्रशासन को इस समस्या से लिखित में अवगत कराया जाएगा। इसके बाद भी यदि सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ, तो आमजन और किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सर्वे कराया जाएगा
“दोगावां-पीपलगोन मुख्य मार्ग के खतरनाक मोड़ों को दुरुस्त करने के लिए सर्वे कराया जा सकता है, जिसके बाद नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आमजन की सुरक्षा को देखते हुए स्पीड ब्रेकर बनाने पर भी विचार किया जा सकता है, हालांकि उसमें भी कुछ तकनीकी व्यावहारिक समस्याएं आ सकती हैं।”