नीमच। मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का दौर तेज कर दिया है। रविवार को इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में एक साथ तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने से कई जिलों में बारिश हुई। नीमच में भी बारिश की उम्मीद बढ़ गई है, लेकिन जिले में अब तक 25 इंच बारिश ही दर्ज हुई है, जो सामान्य औसत 32.5 इंच से 7.5 इंच कम है। पिछले साल इसी अवधि तक जिले में 43.7 इंच औसत बारिश हो चुकी थी।
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश में निम्न दाब क्षेत्र सहित तीन मानसूनी सिस्टम और ट्रफ सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। बड़वानी में नदी-नाले उफान पर रहे, जबकि इंदौर, मुरैना, रतलाम समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।
नीमच में कहां कितनी बारिश-
सोमवार सुबह 8 बजे तक जिले में कुल 25.0 इंच बारिश दर्ज की गई है। विकासखंडवार स्थिति देखें तो नीमच में 26.5 इंच, जावद में 23.5 इंच और मनासा में 21.4 इंच बारिश हो चुकी है। जिले की औसत बारिश 32.5 इंच है, ऐसे में सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी 7.5 इंच बारिश की जरूरत है।
आज नीमच समेत इन जिलों में भारी बारिश-
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश का दौर रहने की संभावना है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।
15 सितंबर के बाद कमजोर पड़ सकता है सिस्टम-
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसलिए 13 सितंबर की बारिश को अकेली घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता। निम्न दाब क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की दिशा में आगे बढ़ने के दौरान पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में इसका असर बना रह सकता है।
हालांकि, 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और प्रसार में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है। अगले सात दिनों में पश्चिमी मध्यप्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।