चित्तौड़गढ़। नगर परिषद चित्तौड़गढ़ के बहुप्रतीक्षित चुनाव परिणाम सोमवार को सामने आ गए। मेजर नटवर राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सुबह 8 बजे से शुरू हुई 60 वार्डों की मतगणना में भाजपा ने 33 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कांग्रेस को 23 वार्डों में जीत मिली, जबकि 4 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।
नगर परिषद में बोर्ड गठन के लिए 31 पार्षदों का बहुमत जरूरी है। ऐसे में भाजपा ने 33 पार्षदों के साथ बहुमत का आंकड़ा दो सीटों से पार कर लिया है। परिणाम घोषित होते ही भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया और कई स्थानों पर विजयी प्रत्याशियों के समर्थन में ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस भी निकाले।
60 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस का मुकाबला
मतगणना में भाजपा को 33 सीटें मिलने के साथ ही बोर्ड गठन की राह आसान हो गई है। कांग्रेस 23 सीटों के साथ विपक्ष की भूमिका में रहेगी। वहीं वार्ड 18, 30, 41 और 59 में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
निर्दलीयों की संख्या भले ही चार है, लेकिन नगर परिषद की आगामी राजनीति में इनकी भूमिका पर भी नजर रहेगी। हालांकि भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत होने के कारण बोर्ड गठन के लिए निर्दलीयों के समर्थन की आवश्यकता नहीं है।
वार्ड 18, 30, 41 और 59 में निर्दलीयों की जीत
निर्दलीय प्रत्याशियों में वार्ड 18 से मुकेश, वार्ड 30 से पारस मल धाकड़, वार्ड 41 से इरशाद मोहम्मद और वार्ड 59 से प्रमोद राज पुरोहित विजयी रहे।
21 सितंबर को तय होगा सभापति का चेहरा
अब नगर परिषद की राजनीति का अगला बड़ा सवाल सभापति पद को लेकर है। 21 सितंबर को होने वाली प्रक्रिया में यह तस्वीर साफ होगी कि भाजपा किसे सभापति पद की जिम्मेदारी सौंपती है।
भाजपा के पास 33 पार्षद होने से बोर्ड गठन के लिए किसी बड़े राजनीतिक जोड़-तोड़ की जरूरत नहीं है। हालांकि सभापति पद की दावेदारी में वरिष्ठता, संगठन में पकड़, स्थानीय प्रभाव और पार्षदों के बीच स्वीकार्यता जैसे समीकरण महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
जीत के बाद भाजपा-कांग्रेस की बाड़ेबंदी
मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के विजयी पार्षदों को फिर से बाड़ेबंदी में ले जाया गया। माना जा रहा है कि आगामी सभापति और उपसभापति चुनाव तक पार्षदों को एकजुट रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कांग्रेस के 23 और निर्दलीयों के 4 पार्षद मिलाकर कुल 27 का आंकड़ा बनता है, जो बहुमत से चार कम है। ऐसे में भाजपा के स्पष्ट बहुमत के बीच कांग्रेस के सामने राजनीतिक समीकरण साधने की चुनौती रहेगी।
परिणाम एक नजर में
भाजपा — 33 सीट
कांग्रेस — 23 सीट
निर्दलीय — 4 सीट
कुल वार्ड — 60
बहुमत का आंकड़ा — 31
चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के चुनाव परिणाम ने बोर्ड की तस्वीर भाजपा के पक्ष में साफ कर दी है। अब 21 सितंबर को होने वाली प्रक्रिया पर सभी की निगाहें रहेंगी, जब यह तय होगा कि भाजपा के इस बहुमत की कमान आखिर किस चेहरे के हाथ में जाएगी।